भारत में कई ऐसे नेचुरल गर्म पानी के कुंड हैं, जिनका धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों ही दृष्टि से विशेष महत्व माना जाता है। इन कुंडों का पानी सालभर गर्म रहता है, जबकि आसपास का वातावरण ठंडा हो सकता है। आइए जानते हैं भारत के 5 प्रसिद्ध गर्म पानी के कुंडों के बारे में।
हिमाचल प्रदेश की पार्वती घाटी में स्थित मणिकरण अपने प्राकृतिक गर्म जल स्रोतों के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। यहां के गर्म पानी का तापमान इतना अधिक होता है कि लोग इसमें चावल और दाल तक पका लेते हैं।
बद्रीनाथ धाम के प्रवेश द्वार के पास स्थित तप्त कुंड श्रद्धालुओं के लिए बेहद पवित्र माना जाता है। मान्यता है कि भगवान बद्रीनाथ के दर्शन से पहले इस कुंड में स्नान करने से शरीर और मन दोनों शुद्ध हो जाते हैं।
मनाली से कुछ दूरी पर स्थित वशिष्ठ गांव अपने प्राकृतिक गर्म पानी के कुंडों के लिए जाना जाता है। यह स्थान महर्षि वशिष्ठ के नाम पर प्रसिद्ध है।
चारधाम यात्रा के प्रमुख पड़ाव यमुनोत्री में स्थित सूर्य कुंड अपनी अत्यधिक गर्म जलधारा के लिए प्रसिद्ध है। यहां का पानी इतना गर्म होता है कि श्रद्धालु कपड़े में चावल या आलू बांधकर कुछ ही मिनटों में पका लेते हैं और इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं।
बिहार के नालंदा जिले में स्थित राजगीर अपने ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के साथ-साथ प्राकृतिक गर्म जल स्रोतों के लिए भी प्रसिद्ध है। इसी कारण यहां सालभर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भीड़ लगी रहती है।
भारत के ये प्राकृतिक गर्म पानी के कुंड केवल धार्मिक आस्था के केंद्र ही नहीं हैं, बल्कि भू-वैज्ञानिक दृष्टि से भी बेहद रोचक हैं। यदि आप आध्यात्मिक अनुभव के साथ प्राकृतिक चमत्कारों को करीब से देखना चाहते हैं, तो ये स्थान आपकी यात्रा सूची में जरूर शामिल होने चाहिए।