ईरान में इस Boeing के इस डिवाइस ने बचाई अमेरिकी पायलट की जान, मौत के मुंह से ऐसे आया वापस

How US Pilot Escaped In Iran What is CSEL Boeing Device: ईरान के दुर्गम पहाड़ों में फंसे अमेरिकी एयरफोर्स के एयरमैन को एक बड़े और जटिल रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत सुरक्षित निकाला गया। इस मिशन में हेलीकॉप्टर, अन्य विमान और कमांडो शामिल थे। सबसे खास बात यह रही कि एक एडवांस कम्युनिकेशन डिवाइस की मदद से एयरमैन ने अपनी लोकेशन साझा की, जिससे उनकी जान बचाई जा सकी। आइए जानते हैं इस खास डिवाइस के बारे में...

Authored by: प्रदीप पांडेयUpdated Apr 10 2026, 21:58 IST
खास डिवाइस बना जीवन रक्षकImage Credit : Boeing01 / 09

खास डिवाइस बना जीवन रक्षक

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस ऑपरेशन के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि एयरमैन के पास एक बेहद एडवांस “बीपर जैसे” डिवाइस था, जो हमेशा उनके पास रहता है। इस डिवाइस ने संकट के समय बेहतरीन तरीके से काम किया और फंसे हुए एयरमैन की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।

Boeing CSEL: कैसे करता है कामImage Credit : Boeing02 / 09

Boeing CSEL: कैसे करता है काम

यह डिवाइस बोइंग कॉम्बैट सर्वाइवर इवेडर लोकेटर (CSEL) के नाम से जाना जाता है, जिसे अमेरिकी वायुसेना और नौसेना लंबे समय से इस्तेमाल कर रही हैं।

टू वे सैटेलाइटImage Credit : Boeing03 / 09

टू वे सैटेलाइट

यह एक हैंडहेल्ड कम्युनिकेशन डिवाइस है, जो सुरक्षित टू-वे सैटेलाइट कम्युनिकेशन, रियल-टाइम डेटा ट्रांसफर और सटीक GPS लोकेशन प्रदान करता है।

इस ट्रैक करना असंभवImage Credit : Boeing04 / 09

इस ट्रैक करना असंभव

इसकी मदद से फंसे हुए सैनिक सैटेलाइट के जरिए रेस्क्यू सेंटर को मैसेज भेज सकते हैं, जिसके बाद रेस्क्यू टीम उनसे संपर्क कर सही लोकेशन तक पहुंचती है। इस डिवाइस से भेजे गए मैसेज को ट्रैक नहीं किया जा सकता।

50 घंटे चला हाई-टेक रेस्क्यू ऑपरेशन05 / 09

50 घंटे चला हाई-टेक रेस्क्यू ऑपरेशन

अमेरिकी ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन डैन केन के मुताबिक, यह रेस्क्यू ऑपरेशन 50 घंटे से ज्यादा समय तक चला। यह मिशन तब शुरू हुआ जब एयरक्राफ्ट से मिले इमरजेंसी सिग्नल की पुष्टि हुई। F-15E लड़ाकू विमान को एक मिसाइल से निशाना बनाया गया था, जिसके बाद दोनों क्रू मेंबर अलग-अलग जगहों पर फंस गए। (AI-Generated Photo)

दोनों एयरमैन को सुरक्षित निकाला गयाImage Credit : Boeing06 / 09

दोनों एयरमैन को सुरक्षित निकाला गया

पायलट “Dude 44 Alpha” को दिन के समय ही सुरक्षित निकाल लिया गया था। वहीं, दूसरे एयरमैन “Dude 44 Bravo” गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद लगातार खुद को बचाने की कोशिश करते रहे।

50 घंटे छिपे रहे07 / 09

50 घंटे छिपे रहे

दुश्मनों से छिपे रहे। आखिरकार शनिवार रात को उन्हें भी सुरक्षित निकाल लिया गया और ऑपरेशन शुरू होने के 50 घंटे बाद दोनों एयरमैन सुरक्षित क्षेत्र में पहुंच गए।

CIA की अहम भूमिका08 / 09

CIA की अहम भूमिका

इस पूरे ऑपरेशन में सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (CIA) की भी अहम भूमिका रही। CIA डायरेक्टर John Ratcliffe के अनुसार, एजेंसी ने इंसानी संसाधनों और अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया। (AI Image)

सटीक लोकेशन09 / 09

सटीक लोकेशन

उन्होंने बताया कि यह मिशन रेगिस्तान में रेत के एक कण को ढूंढने जितना कठिन था, लेकिन आखिरकार एजेंसी ने एयरमैन की सटीक लोकेशन का पता लगा लिया।

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