सनराइजर्स हैदराबाद की टीम राजस्थान के खिलाफ 216 रन बनाकर भी निश्चिंत नहीं थी। उन्हें पता था कि सामने वाली टीम में वैभव सूर्यवंशी नाम का खिलाड़ी है, जो इस सीजन बड़े-बड़े गेंदबाजों की क्लास लगा चुका है। ऊपर से हैदराबाद तो गेंदबाजी की समस्या से भी जूझ रही थी, लेकिन डेब्यू करने वाले प्रफुल्ल ने एक ही ओवर में SRH की सारी मुश्किलें दूर कर दी।
4 पारी में 266 से ज्यादा की स्ट्राइक रेट से 200 रन बनाकर ऑरेंज कैप पर कब्जा जमा चुके वैभव सूर्यवंशी ने सोचा भी नहीं होगा कि वह गोल्डन डक का शिकार होंगे। लेकिन हैदराबाद के लिए डेब्यू करने वाले प्रफुल्ल हिंगे ने अपनी दूसरी ही गेंद पर वैभव को विकेटकीपर के हाथों चलता किया और अपनी टीम को खुश होने का मौका दे दिया।
प्रफुल्ल ने वैभव सूर्यवंशी को गोल्डन डक पर पवेलियन भेजकर अपनी टीम का आधा काम कर दिया था, लेकिन वह फिर भी नहीं रुके, उन्होंने चौथी गेंद पर ध्रुव जुरेल और फिर आखिरी गेंद पर एक और डेब्यूटेंट लुहान डी प्रिटोरियस का विकेट ले लिया। उन्होंने पहले ही ओवर में केवल एक रन देकर 3 विकेट झटके।
19 साल के आईपीएल इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब आईपीएल इनिंग के पहले ओवर में किसी डेब्यू करने वाले गेंदबाज ने 3 विकेट झटके। प्रफुल्ल ने तीसरे ओवर के आखिरी गेंद पर एक और विकेट लिया। इस बार उन्होंने रियान पराग को आउट किया और अपना चौथा विकेट झटका।
प्रफुल्ल हिंगे का जन्म 18 जनवरी 2002 को नागपुर विदर्भ में हुआ था। दाएं हाथ के तेज गेंदबाज प्रफुल्ल हिंगे रेड बॉल क्रिकेट में शानदार गेंदबाजी के बाद सुर्खियों में आए थे। उन्होंने केवल 10 फर्स्ट क्लास मैच में 26.7 की औसत से 27 विकेट चटकाए थे।
प्रफुल्ल हिंगे को सनराइजर्स हैदराबाद ने 30 लाख रुपये की बेस कीमत पर ऑक्शन में अपने साथ जोड़ा था। लेकिन शुरुआती 4 मैच में उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला। हिंगे को राजस्थान के खिलाफ डेब्यू कैप मिली और उन्होंने आईपीएल इतिहास में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में लिखवा लिया।
ये प्रफुल्ल हिंगे का ही कहर था कि राजस्थान रॉयल्स ने केवल 2 रन के स्कोर पर अपने 4 विकेट गंवा दिए। यह आईपीएल के 19 साल के इतिहास में पहला मौका था जब किसी टीम 1 रन के स्कोर पर 4 विकेट गंवाया।