बांग्लादेश की निकली अकड़... टी20 वर्ल्ड कप से पत्ता साफ; पढ़ें विवाद की पूरी टाइम लाइन

बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड सुरक्षा का बहाना बना रहा था या क्रिकेट की आंड़ में राजनीति कर रहा था? जबकि ICC ने भारत को सुरक्षित बताया। दुनिया के 14 देशों ने समर्थन दिया। फिर भी बांग्लादेश टी-20 वर्ल्ड कप के मैच भारत में ना खेलने का हठ किए बैठा है। बांग्लादेश टी20 वर्ल्ड कप खेलना तो चाहता है लेकिन भारत में नहीं। ऐसे में आईसीसी ने शनिवार, 24 जनवरी को यह तय कर दिया कि बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड की टीम टूर्नामेंट में उसकी जगह लेगी। यानी बांग्लादेश को टी20 वर्ल्ड कप से बाहर कर दिया गया।

बांग्लादेश की सबसे बड़ी गलती
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​बांग्लादेश की सबसे बड़ी गलती

आईसीसी ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को आगामी टी20 वर्ल्ड कप 2026 से आधिकारिक रूप से बाहर कर दिया है। बांग्लादेश की जगह अब स्कॉटलैंड खेलेगा। जिस भारत और BCCI के समर्थन से बांग्लादेश क्रिकेट को पहचान मिली। टूर्नामेंट और टेस्ट स्टेट्स का दर्जा मिला। आज उसी भारत पर सवाल खड़े किए जा रहे थे। यह फैसला सिर्फ वर्ल्ड कप का नहीं है। यह क्रिकेट, भरोसे और रिश्तों की परीक्षा थी, जिसमें बांग्लादेश खरा नहीं उतर सका।

27 मिलियन डॉलर की लगेगी चपत
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​27 मिलियन डॉलर की लगेगी चपत

कई बैठकों के बाद भी बांग्लादेश ने भारत में टी20 वर्ल्ड कप खेलने से इनकार करता रहा। यह सिर्फ एक क्रिकेट टूर्नामेंट खेलने का फैसला नहीं, बल्कि आईसीसी, बीसीसीआई और विश्व क्रिकेट व्यवस्था को सीधी चुनौती थी। बांग्लादेश को अपनी गलती सुधारने का एक आखिरी मौका दिया गया था, लेकिन बांग्लादेश, भारत में ना खेलने पर अड़ा रहा। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, अगर बांग्लादेश के वर्ल्ड कप में ना खेलने से उसे करीब 27 मिलियन डॉलर (लगभग 240 करोड़ रुपये) का नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसमें ब्रॉडकास्टिंग रेवेन्यू, स्पॉन्सरशिप, सालाना क्रिकेट आय शामिल है।

भारत को भी हो सकता है नुकसान
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​भारत को भी हो सकता है नुकसान

रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि यह नुकसान बीसीबी की सालाना कमाई का लगभग 60 प्रतिशत हो सकता है। ऐसे में भारत को भी कुछ हद तक नुकसान झेलने पड़ सकते हैं। क्योंकि, बांग्लादेश के चार मैच में से तीन मैच कोलकाता में और एक मैच मुंबई में निर्धारित थे। अनुमान है कि केवल कोलकाता को 30 से 60 करोड़ का नुकसान हो सकता है।

विवाद की टाइम लाइन
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विवाद की टाइम लाइन

विवाद की शुरुआत 3 जनवरी 2026 से हुई। BCCI ने KKR को मुस्तफिजुर रहमान को IPL टीम से रिलीज करने का आदेश दिया। क्योंकि बांग्लादेश में हिन्दुओं के खिलाफ हिंसात्मक घटना के चलते भारत पर दबाव बढ़ रहा था। इस घटना ने राजनीतिक रूप ले लिया। इसके बाद 4 जनवरी को बांग्लादेश ने आईसीसी से अनुरोध किया कि उनके मैच भारत से शिफ्ट कर दिए जाएं, क्योंकि भारत में खेलना उसे सुरक्षित नहीं लगता है। 6 जनवरी को खबर आई कि ICC ने BCB की मैच वेन्यू बदलने की मांग खारिज कर दी। 8 जनवरी को BCB ने ICC को दोबारा पत्र लिखकर वेन्यू बदलने की मांग की।

बांग्लादेश के खिलाफ वोटिंग
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​बांग्लादेश के खिलाफ वोटिंग

13 जनवरी को आईसीसी ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंस पर कहा, भारत में कोई खतरा नहीं। 17 जनवरी को आईसीसी के दो अधिकारियों के साथ बीसीबी की बैठक हुई। पहली बैठक में बांग्लादेश ने ग्रुप बदलने की मांग की। दूसरी बैठक में मांग खरीज हुई और 21 जनवरी तक भारत में खेलने या न खेलने का फैसला लेने को कहा गया। इसी दिन आईसीसी बोर्ड मेंबर्स की मीटिंग में वोटिंग कराई गई, जिसमें 14-2 से बांग्लादेश के खिलाफ वोटिंग हुई। 22 जनवरी को बांग्लादेश के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने नेशनल क्रिकेट टीम के प्लेयर्स से चर्चा की।

बांग्लादेश को नुकसान ही नुकसान
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​बांग्लादेश को नुकसान ही नुकसान

अब 24 जनवरी को आधिकारिक फैसला आ गया कि बांग्लादेश को टी20 वर्ल्ड कप से बाहर कर दिया। बांग्लादेश का वर्ल्ड कप से बाहर होना उसे न सिर्फ टूर्नामेंट से बल्कि भविष्य की द्विपक्षीय सीरीज, कमाई और प्रतिष्ठा से भी हाथ धोना पड़ेगा। भारतीय फ्रेंचाइजी दुनिया की कई टी20 लीग्स में प्रभाव रखती है। इस विवाद का असर बांग्लादेशी खिलाड़ियों की IPL, विदेशी लीग और स्पॉन्सरशिप पर पड़ सकता है।

एहसान फरामोश बांग्लादेश
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​एहसान फरामोश बांग्लादेश?

साथ ही जिस बांग्लादेश क्रिकेट को खड़ा करने में भारत और बीसीसीआई ने निर्णायक भूमिका निभाई थी। आज उसी बांग्लादेश ने भारत पर सवाल उठाकर अपने पैर पर कुल्हाड़ी मार ली है। दरअसल, 1998 में आईसीसी नॉकआउट टूर्नामेंट से लेकर 2000 में टेस्ट स्टेट्स तक, बांग्लादेश को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में भारत का सर्मथन हासिल था। इसके अलावा बांग्लादेश की आजादी में भी भारत का अहम योगदान रहा। टी20 वर्ल्ड कप से बाहर होने के बाद अब सवाल यह है कि क्या ये बांग्लादेश का भारत आकर ना खेलने का साहसिक स्टैंड था या फिर पाकिस्तान के उकसावे में आकर आने वाले सालों की सबसे बड़ी गलती?

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