टी20 वर्ल्ड कप में इस सीजन खूब रन बरसे। 20 टीमों ने टूर्नामेंट में हिस्सा लिया। लीग और सुपर-8 को मिलाकर कुल 52 मुकाबले खेले गए। वहीं, दो सेमीफाइनल मुकाबले और फाइनल मैच को मिलाकर कुल 55 मैच खेले गए। इस दौरान पूरे टूर्नामेंट में कुल 17582 रन बने, जो हर सीजन से कहीं ज्यादा रहा।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में कुल 1434 चौके और 780 छक्के लगे। साल 2024 में 961 चौके और 517 छक्के लगे थे। 2026 में बाउंड्री से कुल 10416 रन बने। संजू सैमसन ने टूर्नामेंट में सर्वाधिक 24 छक्के जड़े। फिन एलन 20 छक्कों के साथ दूसरे नंबर पर रहे।
टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली छोटी टीमों ने इतिहास रचा। जिम्बाब्वे ने टूर्नामेंट के इतिहास में पहली बार सुपर-8 में जगह बनाई। वहीं, नेपाल ने अपना एकमात्र मुकाबला जीता। इटली ने टी20 वर्ल्ड कप में डेब्यू किया और मैच भी जीता।
टूर्नामेंट के इतिहास में किसी सलामी बल्लेबाज को अपना खाता खोलने के लिए चार इनिंग का इंतजार करना पड़ा। भारत के अभिषेक शर्मा पहले खिलाड़ी बने। जिन्होंने चौथे मुकाबले में अपना खाता खोला। पहले तीन मुकाबले में वह डक पर आउट हुए थे।
टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में पहली बार हुआ जब एक सीजन में किसी एक टीम ने 100 ज्यादा छक्के लगाए। भारत ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान कुल 106 छक्के लगाए।
टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में पहली बार हुआ जब एक ही टीम ने तीन बार 250 प्लस का स्कोर पार किया। भारत ने जिम्बाब्वे, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के खिलाफ 250 से ज्यादा का स्कोर किया।
भारत ने टी20 वर्ल्ड कप में एक साथ तीन रिकॉर्ड बना। टीम इंडिया पहली टीम बनी, जिसने होस्ट नेशन के रूप में खिताब जीतने का कमाल किया। साथ ही इंडिया पहला देश बना जिसने तीन बार टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीता। इसके अलावा डिफेंड करते हुए भारत ने ट्रॉफी अपने नाम की।