आईपीएल 2026 में दिल्ली कैपिटल्स की उम्मीदें अभी भी जिंदा हैं या फिर प्लेऑफ की दौड़ से उनकी टीम अब बाहर हो चुकी है। अब तक सीजन में बेहद खराब प्रदर्शन करने वाली दिल्ली की टीम ने पंजाब किंग्स के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इसके बाद क्या हैं दिल्ली के आगे जाने के समीकरण, यहां जानिए।
पंजाब किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच धर्मशाला की हसीन वादियों में स्थित एचपीसीए स्टेडियम में सीजन का 55वां मैच खेला गया। इस मैच में दिल्ली की टीम ने टॉस जीता और पहले फील्डिंग करने का निर्णय लिया।
सीजन में कई बार 200 से ऊपर का स्कोर बनाने या चेज करने वाली पंजाब किंग्स की टीम ने धर्मशाला में दिल्ली के खिलाफ भी ऐसा ही किया। प्रियांश आर्य (56 रन), कप्तान श्रेयस अय्यर (नाबाद 59 रन) और कूपर कॉनली (38 रन) के दम पर पंजाब ने 20 ओवर में 5 विकेट खोते हुए 210 रन बना दिए।
इस दौरान दिल्ली कैपिटल्स के महान ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने सबसे खराब गेंदबाजी की और सबसे ज्यादा रन लुटा दिए। स्टार्क ने 4 ओवर में 2 विकेट तो लिए लेकिन 14.25 के इकॉनमी रेट से 57 रन लुटा दिए।
जवाब देने उतरी दिल्ली की टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। उन्होंने सबसे पहले अपने दोनों ओपनर्स के विकेट 14 रन के अंदर गंवा दिए। इसके बाद देखते-देखते 74 रन पर उनके 4 विकेट गिर चुके थे। फिर कप्तान अक्षर पटेल की 30 गेंदों में 56 रन की पारी और साथ में डेविड मिलर की 28 गेंदों में 51 रन की पारी ने मैच पलट दिया। दोनों के बीच हुई शानदार पार्टनरशिप की वजह से और अंत में आशुतोष शर्मा (10 गेंदों में 24 रन) और माधव तिवारी (8 गेंदों में नाबाद 18 रन) के बदौलत दिल्ली ने 19वें ओवर में ही 3 विकेट से जीत दर्ज कर ली।
इस मैच के नतीजे के बाद आईपीएल अंक तालिका में पंजाब और दिल्ली की मौजूदा स्थिति की बात करें तो दिल्ली ने अब 12 मैचों में 5 जीत दर्ज कर ली हैं और 10 अंकों के साथ वे सातवें नंबर पर हैं। जबकि पंजाब किंग्स लगातार चौथी हार झेलने के बाद 11 मैचों में 6 हार के साथ 13 अंक लेकर चौथे नंबर पर है।
अब सवाल यही है कि क्या इस मैच से पहले प्लेऑफ की दौड़ से बाहर नजर आ रही दिल्ली कैपिटल्स की उम्मीदें जीत के साथ जिंदा हो गई हैं। जवाब है कि, हां वे अब भी प्लेऑफ की रेस में बरकरार हैं।
अगर दिल्ली कैपिटल्स को प्लेऑफ में जाना है तो उसको अपने बाकी बचे दोनों मैच बड़े अंतर से जीतने होंगे जिससे उसके 14 अंक हो जाएंगे। साथ ही उसे उम्मीद करनी होगी कि टॉप 4 में मौजूद टीमों के नतीजे भी खराब रहें ताकि कम से कम टीमें 14 अंक से आगे बढ़ सकें। अगर कोई टीम टॉप 4 में 14 अंकों तक सीमित रहती है और दिल्ली अपने 14 अंक कर लेती है तो फैसला नेट रन रेट से होगा। फिलहाल टॉप 4 में बेंगलुरू, हैदराबाद और गुजरात के 14-14 अंक हो चुके हैं और तीनों ही टीमों के तीन-तीन मैच बाकी हैं। जबकि चौथे नंबर पर मौजूद पंजाब के भी 3 मैच बाकी हैं और उनके पास 13 अंक हैं, ऐसे में दिल्ली रेस में कायम जरूर है लेकिन उसके लिए स्थिति बेहद पेचीदा और मुश्किल है।