दूसरों के घर में खाना बनाने वाली मां का बेटा, कैसे बना फुटबॉल की दुनिया का सुपरस्टार

Cristiano Ronaldo Success Story: क्रिस्टियानो रोनाल्डो एक ऐसा नाम है, जो खेल प्रेमियों के दिल में जुनून पैदा करता है। एक गरीब मां-बाप का बेटा आज खेल की दुनिया का सबसे बड़ा सुपरस्टार बन चुका है। 5 फरवरी 1985 को पुर्तगाल के मदीरा द्वीप में जन्मे रोनाल्डो का परिवार बेहद गरीब था। उनके पिता माली का काम करते थे और मां दूसरों के घर में जाकर खाना बनाने और साफ-सफाई का काम करती थीं। घर की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि कई बार उन्हें रात में बिना खाना खाए भूखे ही सो जाना पड़ता था। हम आपको बताते हैं कि कैसे इतने गरीब घर से निकलकर रोनाल्डो आज खेल की दुनिया के सबसे बड़े शहंशाह बन चुके हैं।

Authored by: आदित्य साहूUpdated May 11 2026, 18:54 IST
जूते खरीदना तो छोड़िए खाना खाने के भी नहीं थे पैसेImage Credit : Cristiano/Instagram01 / 08

जूते खरीदना तो छोड़िए खाना खाने के भी नहीं थे पैसे

क्रिस्टियानो रोनाल्डो चार भाई-बहनों में सबसे छोटे थे। उनका बचपन इतनी गरीबी में बीता कि कई बार उनके परिवार के पास फुटबॉल खेलने के लिए जूते खरीदना तो छोड़िए, खाना खाने के भी पैसे नहीं होते थे। रोनाल्डो के दिल में छोटी उम्र में ही फुटबॉल खेलने का जुनून सवार हो गया था, लेकिन उनके पास बुनियादी सुविधाओं का अभाव था। इसलिए वह कई घंटों तक सड़कों पर ही अपने दोस्तों के साथ फुटबॉल खेलते रहते थे।

फुटबॉल क्लब में किटमैन का काम करते थे पिताImage Credit : Cristiano/Instagram02 / 08

फुटबॉल क्लब में किटमैन का काम करते थे पिता

रोनाल्डो के लिए सबसे अच्छी बात यह थी कि उनके पिता घर के पास एक स्थानीय फुटबॉल क्लब एंडोरिन्हा में किटमैन थे। इस वजह से रोनाल्डो को वहां खेलने का मौका मिल गया था। इसके बाद अपनी तेज रफ्तार, शानदार ड्रिब्लिंग और गोल करने के अनोखे टैलेंट से उन्होंने लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींच। अपनी गरीबी के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। अपने खेल से धीरे-धीरे वह स्थानीय टूर्नामेंट में पहचान बनाना शुरू कर दिए थे।

शानदार टैलेंट ने बदलनी शुरू की जिंदगीImage Credit : Cristiano/Instagram03 / 08

शानदार टैलेंट ने बदलनी शुरू की जिंदगी

एंडोरिन्हा क्लब में शानदार प्रदर्शन के बाद रोनाल्डो को दूसरे क्लब नासियोनल से जुड़ने का मौका मिला। यहां रोनाल्डो ने अपने खेल को और बेहतर बनाना शुरू किया।इसके बाद उनकी मेहनत और प्रतिभा को देखकर पुर्तगाल के बड़े-बड़े क्लबों की नजर उन पर पड़ी। साल 1997 में उन्हें स्पोर्टिंग सीपी अकेडमी में ट्रायल देने का चांस मिला। ट्रायल के दौरान रोनाल्डो ने इतना जबरदस्त गोल किया, जिसके बाद क्लब ने तुरंत ही उन्हें अपनी युवा टीम में शामिल कर लिया। यही उनकी लाइफ का सबसे बड़ा मोड़ था।

गरीबी की वजह से चिढ़ाते थे दूसरे बच्चेImage Credit : Cristiano/Instagram04 / 08

गरीबी की वजह से चिढ़ाते थे दूसरे बच्चे

सीपी अकेडमी से जुड़ने के बाद उन्हें लिस्बन जाना पड़ा, जहां वह मजबूरन एक छोटे से कमरे में जीवन गुजारते थे। कई बार गरीबी के कारण उन्हें दूसरे बच्चे चिढ़ाते थे। लेकिन रोनाल्डो ने इन चीजों को अपनी कमजोरी नहीं बनने दी। उनका सिर्फ एक ही मकसद था, फुटबाल की दुनिया में सबसे बड़ा सुपरस्टार बनना। इसके लिए वह रोज घंटों अभ्यास करते थे। धीरे-धीरे उनकी मेहनत का असर दिखने लगा। उनके कोच और साथी खिलाड़ी उनकी फिटनेस, स्पीड और स्किल्स से धीरे-धीरे प्रभावित होने लगे और वह सीपी की युवा टीम के सबसे खास खिलाड़ी बन गए।

15 साल में हो गई दिल की गंभीर बीमारीImage Credit : Cristiano/Instagram05 / 08

15 साल में हो गई दिल की गंभीर बीमारी

हालांकि, 15 साल के होते-होते रोनाल्डो को दिल की गंभीर बीमारी हो गई। डॉक्टरों ने बताया कि रोनाल्डो का दिल बाकी लोगों से ज्यादा तेज धड़कता है, जिसे टैचीकार्डिया कहते हैं। यह बीमारी उनका फुटबॉल करियर खत्म कर सकती थी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अपने दिल की सर्जरी करवाने का फैसला किया। किस्मत से उनकी सर्जरी सफल रही और कुछ ही दिनों में फिर से रोनाल्डो ने ट्रेनिंग शुरू कर दी। यह ऐसा दौर था, जिसने उन्हें मानसिक रूप से और मजबूत बनाया।

धीरे-धीरे पूरे यूरोप में छाने लगे रोनाल्डोImage Credit : Cristiano/Instagram06 / 08

धीरे-धीरे पूरे यूरोप में छाने लगे रोनाल्डो

सीपी एकेडमी की सीनियर टीम में जगह मिलने के बाद धीरे-धीरे रोनाल्डो अपने शानदार खेल से पूरे यूरोप में छाने लगे। साल 2003 में मैनचेस्टर यूनाइटेड के खिलाफ उन्होंने ऐसा गोल किया, जिसमें उनकी स्किल देखकर मैनचेस्टर यूनाइटेड के कोच सर एलेक्स फर्ग्यूसन उनसे बेहद प्रभावित हुए। इसके बाद उन्हें मैनचेस्टर यूनाइटेड ने साइन कर लिया। इस क्लब से जुड़ना उनके सपनों के सच होने जैसा था। यहां रोनाल्डो को दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ियों के साथ खेलने का मौका मिला। इसी क्लब से उनकी लोकप्रियता दुनियाभर में बढ़ी और वह सुपरस्टार बनने की तरफ बढ़ चले।

मैनचेस्टर यूनाइटेड के बाद रियल मैड्रिडImage Credit : Cristiano/Instagram07 / 08

मैनचेस्टर यूनाइटेड के बाद रियल मैड्रिड

मैनचेस्टर यूनाइटेड के बाद रोनाल्डो को रियल मैड्रिड ने साइन किया। वहां रोनाल्डो को दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल स्टार के रूप में जाना जाने लगा। इस क्लब से खेलते हुए उन्होंने कई गोल्डन बूट और बैलन डी’ओर जैसा बड़े पुरस्कार जीता। रोनाल्डो ने न सिर्फ क्लब फुटबॉल में, बल्कि अपने देश पुर्तगाल की टीम के लिए शानदार प्रदर्शन किया। उनके जबरदस्त खेल के दम पर ही पुर्तगाल की टीम यूरो कप और नेशंस लीग जैसे बड़े टूर्नामेंट जीतने में सफल रही।

दुनियाभर के लोगों के लिए प्रेरणा बने रोनाल्डोImage Credit : Cristiano/Instagram08 / 08

दुनियाभर के लोगों के लिए प्रेरणा बने रोनाल्डो

क्रिस्टियानो रोनाल्डो आज सिर्फ एक फुटबॉलर नहीं हैं, बल्कि दुनियाभर के लोगों के लिए प्रेरणा हैं। जिस तरह गरीबी, बीमारी और संघर्षों से निकलकर उन्होंने खुद की अलग पहचान बनाई है। उनकी कहानी बताती है कि मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास से इंसान किसी भी सपने को पूरा कर सकता है। आज भी रोनाल्डो अपनी फिटनेस और खेल के लिए जाने जाते हैं।

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