वास्तु शास्त्र एक विज्ञान है जो यह बताता है कि किस दिशा में क्या चीज रखनी चाहिए, कमरे कैसे होने चाहिए, और घर का निर्माण किस तरह होना चाहिए, ताकि वहां सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे। घर के अलावा घर का सामान और कार खरीदते हुए भी वास्तु देखा जाता है। कार खरीदने से चलाने और बेचने तक का वास्तु शास्त्र से जुड़ाव है। यहां से आप इसके बारे में विस्तार में जानकारी ले सकते हैं।
कार के लिए सफेद, सिल्वर, ग्रे, हल्का पीला, क्रीम, हल्का नीला रंग सबसे शुभ माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार ये रंग शांति, सकारात्मक ऊर्जा, संतुलन और सुरक्षा का प्रतीक होते हैं। सफेद रंग सुख-शांति और सेफ्टी बढ़ाता है, सिल्वर स्थिरता और प्रगति दर्शाता है, जबकि क्रीम और हल्के रंग समृद्धि व शुभता लाते हैं, इसलिए कार खरीदते समय गहरे और बहुत चटख रंगों की बजाय हल्के व सौम्य रंग अधिक शुभ माने जाते हैं।
वास्तु शास्त्र के अनुसार काली, गहरे लाल और गहरे नीले रंग की कार नहीं खरीदनी चाहिए, क्योंकि काला रंग नकारात्मक ऊर्जा, रुकावट और तनाव से जुड़ा माना जाता है, गहरा लाल रंग गुस्सा, जल्दबाज़ी और दुर्घटना की संभावना बढ़ाता है, जबकि गहरा नीला रंग उदासी, मानसिक दबाव और अस्थिरता का प्रतीक माना जाता है; इसलिए बेहतर है कि कार के लिए हल्के, शांत और संतुलन देने वाले रंगों का चुनाव किया जाए।
वास्तु शास्त्र और अंक शास्त्र के अनुसार कार के लिए 1, 3, 5 और 6 अंक सबसे शुभ माने जाते हैं। नंबर 1 आत्मविश्वास और प्रगति, 3 सफलता और सकारात्मक ऊर्जा, 5 संतुलन व सुरक्षित यात्राओं, तथा 6 सुख-समृद्धि और आराम का प्रतीक होता है। जिन नंबरों का कुल योग इन अंकों में आता है, वे भी शुभ माने जाते हैं और कार से जुड़े कार्यों में बाधा कम करते हैं।
गाड़ी के डैशबोर्ड पर कई लोग शिव जी या किसी भी भगवान की छोटी मूर्ति रख लेते हैं। लेकिन वास्तुशास्त्र के अनुसार गाड़ी पर गणेश जी की मूर्ति रखना सबसे उत्तम माना जाता है। ऐसा करने से विघ्नहर्ता आपकी सारे संकटों से रक्षा करेंगे।
वास्तु के अनुसार कार की सीट के नीचे कागज बिछाएं और उस पर सेंधा नमक और बेंकिग सोडा मिलाकर रखें। ऐसा करने से गाड़ी की नकारात्मकता दूर होती है। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि इसे जल्दी-जल्दी बदलते रहें। गाड़ी में काले रंग का छोटा कछुआ रखना भी लाभकारी माना जाता है। ये गाड़ी में से नकारात्मकता दूर करके सकारात्मकता लाता है।
अगर आप घर में अपने वाहन के लिए कोई गैराज बनाना चाहते हैं, तो उसके लिये दक्षिण-पूर्व या उत्तर-पश्चिम दिशा का चुनाव करना चाहिए। ये दोनों ही दिशा अच्छी हैं, लेकिन इनमें से उत्तर-पश्चिम, यानि वायव्य कोण सबसे अच्छा है। यहां एक बात पर ध्यान देने की जरूरत है कि गैराज की उत्तर और पूर्व दिशा में वजन कम होना चाहिए। इसलिए वहां पर कोई भी वाहन पार्क करते समय ध्यान दें कि वाहन का मुख उत्तर या पूर्व की तरफ होना चाहिए।