खराब है इन 6 राशियों के लिए समय, शुक्र और मंगल की युति दे सकती है बड़ी समस्या

8 जनवरी को धन के दाता शुक्र और ग्रहों के सेनापति मंगल धनु राशि में रहते हुए एक-दूसरे से 0 डिग्री पर आ गए हैं। इससे दोनों ग्रहों के बीच युति बन गई है। इस युति से कुछ राशि वालों को नुकसान होने की आशंका है। इस कारण आइए जानते हैं कि इस युति के चलते किन राशि वालों को संभलकर रहने की आवश्यकता है और नुकसान से बचने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं।

मंगल और शुक्र ने बनाई युति
01 / 07

मंगल और शुक्र ने बनाई युति

ज्योतिष में शुक्र और मंगल की युति सामान्यतः विरोधी प्रभाव वाली मानी जाती है, क्योंकि धन के दाता शुक्र सुख, प्रेम और वैभव के कारक हैं, जबकि मंगल ऊर्जा, संघर्ष और आवेश के प्रतीक हैं। शुक्र जल तत्व और मंगल अग्नि तत्व का प्रतिनिधित्व करते हैं, इसलिए इनकी युति में टकराव की स्थिति बनती है। धनु राशि के स्वामी गुरु हैं। इस कारण यह वे इस युति को कुछ हद तक संतुलित करती है, लेकिन फिर भी कुछ राशियों पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ता है। 8 जनवरी 2026 को सुबह 8 बजकर 9 मिनट पर शुक्र और मंगल की धनु में बनने वाली युति मानसिक तनाव, रिश्तों में कलह, स्वास्थ्य समस्या और आर्थिक असंतुलन ला सकती है। कुछ राशियों पर इस युति का विरोधी प्रभाव पड़ेगा। आइए विस्तार से जानते हैं किन राशियों के लिए यह युति खराब रहेगी और इसके क्या नुकसान होंगे व बचाव के उपाय क्या है।

वृषभ राशि
02 / 07

​वृषभ राशि​

वृषभ राशि के स्वामी शुक्र हैं। इस राशि वालों की लाइफ में शुक्र और मंगल युति से सुख और वैभव में कमी आएगी। इस युति का असर आपके 8वें भाव पर होगा। इसके प्रभाव से गुप्त परेशानियां, स्वास्थ्य में हार्मोन असंतुलन या त्वचा समस्या हो सकती है। आर्थिक नुकसान का खतरा रहेगा। नुकसान से बचने के लिए सफेद मिठाई दान करें और ‘ओम शुं शुक्राय नमः’ मंत्र का जाप करें।

कर्क राशि
03 / 07

​कर्क राशि​

शुक्र और मंगल की यह युति आपके लिए सबसे विरोधी रहेगी क्योंकि चंद्रमा स्वामी वाली कर्क राशि पर शुक्र की नरम ऊर्जा और मंगल की आक्रामकता का टकराव भावनात्मक अस्थिरता लाएगा। आपके छठे भाव में बनने वाली यह युति स्वास्थ्य में पेट या छाती संबंधी समस्या उभार सकती है, इससे रिश्तों में गलतफहमी बढ़ेगी और मानसिक चिंता रहेगी। आर्थिक मामलों में असंतुलन हो सकता है। इससे बचने कि लिए सफेद चंदन का तिलक लगाएं और ‘ओम सोम सोमाय नमः’ मंत्र का जाप करें।

कन्या राशि
04 / 07

​कन्या राशि​

कन्या राशि के स्वामी बुध हैं। शुक्र और मंगल की यह युति कन्या राशि वालों के लिए भी परेशानी का कारण बनेगी। इससे टकराव की स्थिति पैदा होगी। बुद्धि भी प्रभावित होने की संभावना है। यह युति चौथे भाव को प्रभावित करेगी। इसके चलते परिवार में कलह हो सकती है। स्वास्थ्य में स्किन और पेट संबंधित समस्याओं का सामना आपको करना पड़ सकता है। कार्यों में गलतियां होंगी। गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें और ‘ओम गं गणपतये नमः’ मंत्र का जाप करें।

तुला राशि
05 / 07

​तुला राशि​

शुक्र आपकी राशि के स्वामी हैं, लेकिन मंगल से युति में होने से प्रेम और सुख प्रभावित होगा। आपके तीसरे भाव में बनने वाली इस युति के प्रभाव से रिश्तों में तनाव, स्वास्थ्य में जलन या चोट का खतरा हो सकता है। आर्थिक असंतुलन रहेगा। लक्ष्मी जी को सफेद फूल चढ़ाएं और ‘ओम शुं शुक्राय नमः’ मंत्र का जाप करें।

कुंभ राशि
06 / 07

​कुंभ राशि​

कुंभ राशि के स्वामी शनि हैं। शुक्र और मंगल की यह युति कुंभ राशि वालों के 11वें भाव में बन रही है। इस युति का प्रभाव अप्रत्याशित घटनाओं को जन्म देगा। इससे सामाजिक रिश्तों में कलह, स्वास्थ्य में जोड़ों का दर्द या अचानक बीमारी हो सकती है। करियर में रुकावटें आएंगी। शनि देव को तेल का दीपक जलाएं और ‘ओम शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का जाप करें।

मीन राशि
07 / 07

​मीन राशि​

मीन राशि के स्वामी गुरु हैं और धनु में बन रही यह युति आपकी लाइफ में भ्रम और निर्णय लेने में कठिनाई पैदा करेगी। 10वें भाव में बनने वाली यह युति करियर में अस्थिरता लाएगी। स्वास्थ्य में थकान और पाचन संबंधित समस्याएं हो सकती हैं। भावनात्मक रूप से अशांत रहेंगे। विष्णु जी की पूजा करें और ‘ओम नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करें।

End of Photo Gallery
Subscribe to our daily Newsletter!

© 2026 Bennett, Coleman & Company Limited