वास्तु के अनुसार, सीढ़ी की दिशा क्या होनी चाहिए, घर में सीढ़ी के नीचे क्या होना चाहिए, जानें सीढ़ी पर चढ़ते समय मुंह किधर होना चाहिए?

वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में सीढ़ियों का स्थान और दिशा अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं, क्योंकि सीढ़ियाँ घर के भीतर ऊर्जा प्रवाह को नियंत्रित करती हैं। अगर सीढ़ियों की दिशा सही हो तो घर में सकारात्मक ऊर्जा प्रवेश करती है और परिवार के सदस्यों को मानसिक, शारीरिक और आर्थिक रूप से लाभ मिलता है। वहीं गलत दिशा की सीढ़ियां नकारात्मक ऊर्जा का कारण बन सकती हैं।

Authored by: सृष्टिUpdated Dec 12 2025, 06:42 IST
शुभ दिशाImage Credit : Canva01 / 07

शुभ दिशा

सीढ़ियां बनवाने के लिए वास्तु शास्त्र में दक्षिण और पश्चिम दिशा को सबसे उत्तम माना गया है। इन दिशाओं को भारी निर्माण के लिए आदर्श माना जाता है, इसलिए सीढ़ियां इन स्थलों पर सकारात्मक ऊर्जा को स्थिर करती हैं। घर में स्थिरता, समृद्धि और सुरक्षा बनाए रखने के लिए ये दिशाएँ उपयोगी मानी जाती हैं।

​दक्षिण-पश्चिम दिशा​Image Credit : Canva02 / 07

​दक्षिण-पश्चिम दिशा​

दक्षिण-पश्चिम दिशा घर के मालिक का कोना माना जाता है, जहां भारी निर्माण शुभ माना जाता है। इसलिए इस दिशा में बनाई गई सीढ़ियां मालिक को मानसिक मजबूती, निर्णय क्षमता और आर्थिक स्थिरता प्रदान करती हैं। इस दिशा में ही घर में सीढ़ी बनवानी चाहिए।

​वर्जित दिशा​Image Credit : Canva03 / 07

​वर्जित दिशा​

उत्तर, पूर्व और विशेष रूप से उत्तर-पूर्व दिशा में सीढ़ियां बनवाना वास्तु में निषिद्ध माना गया है। ईशान कोण को देव स्थान माना जाता है और यहां भारी निर्माण या रुकावट जीवन में समस्याओं को आमंत्रित कर सकती है। ऐसी सीढ़ियां मानसिक तनाव, आर्थिक रुकावट और घर की शांति भंग करने का कारण बन सकती हैं।

​सीढ़ियों की चढ़ाई​Image Credit : Canva04 / 07

​सीढ़ियों की चढ़ाई​

वास्तु में माना जाता है कि सीढ़ियों की चढ़ाई दक्षिण से उत्तर या पूर्व से पश्चिम की ओर होनी चाहिए। नीचे से ऊपर जाते समय यदि सीढ़ियाँ दाएँ घूमते हुए चढ़ी जाएं तो यह और अधिक शुभ माना जाता है। इससे ऊर्जा का प्रवाह संतुलित रहता है और घर के सदस्य प्रगति की ओर बढ़ते हैं।

​ऑड नंबर की सीढ़ियां​Image Credit : Canva05 / 07

​ऑड नंबर की सीढ़ियां​

सीढ़ियों की संख्या भी वास्तु में विशेष महत्व रखती है। हमेशा विषम संख्या यानी ऑड नंबर की सीढ़ियां जैसे 9, 11, 15, 17 आदि उपयोगी और शुभ मानी जाती हैं। विषम संख्या जीवन में निरंतरता और प्रगति का प्रतीक मानी जाती है। सम संख्या की सीढ़ियां वास्तु दोष उत्पन्न कर सकती हैं।

​सीढ़ियों के नीचे क्या होना चाहिए?​Image Credit : Canva06 / 07

​सीढ़ियों के नीचे क्या होना चाहिए?​

वास्तु शास्त्र के अनुसार सीढ़ियों के नीचे बाथरूम, पूजा-घर या रसोईघर नहीं होना चाहिए। इससे घर की ऊर्जा बाधित होती है। हालांकि यहां स्टोर रूम या सामान रखने की जगह बनाई जा सकती है। ध्यान रहे कि सीढ़ियों के नीचे की जगह साफ-सुथरी, सूखी और नियमित रूप से वेंटिलेटेड होनी चाहिए।

​कहां नहीं होना चाहिए​Image Credit : Canva07 / 07

​कहां नहीं होना चाहिए​

सीढ़ियां घर के मुख्य द्वार के ठीक सामने नहीं होनी चाहिए, क्योंकि इससे घर की सकारात्मक ऊर्जा सीधे बाहर चली जाती है। टूटी या असमान ऊंचाई वाली सीढ़ियां भी अशुभ मानी जाती हैं, इसलिए उनकी नियमित मरम्मत आवश्यक है।

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