मान्यताओं के अनुसार चांदी के सिक्के से सिंदूर भरना बेहद शुभ माना जाता है। कहते हैं इससे मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और परिवार में समृद्धि आती है। साथ ही सिंदूर लगाने के बाद सबसे पहले अपने पति का चेहरा देखना चाहिए। कहते हैं इससे पति-पत्नी के रिश्ते में मजबूत आती है।
रात को सिंदूर लगाना शुभ नहीं माना जाता। कहते हैं इससे नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। इसके अलावा पीरियड्स में भी सिंदूर लगाने से बचना चाहिए। यदि परिवार में किसी की मृत्यु हुई हो, तो कुछ समय तक सिंदूर नहीं लगाना चाहिए। अमावस्या और ग्रहण के दिन भी सिंदूर लगाना वर्जित माना जाता है।
सिंदूर लगाते समय दाएं हाथ का प्रयोग करना शुभ और धार्मिक दृष्टि से सही माना गया है। इसे कभी भी बाएं हाथ से न लगाएं। इसके अलावा शुक्रवार और मंगलवार को गाढ़ा सिंदूर लगाने से बचना चाहिए। इन दिनों हल्का सिंदूर या चुटकीभर सिंदूर लगाना ही शुभ होता है, खासकर यदि व्रत रखा गया हो।
यह परंपरा है कि जब संभव हो, तो सिंदूर पति के सामने ही लगाना चाहिए या अपने पति से भी सिंदूर लगवा सकती हैं। इससे आपके रिश्ते में मजबूत आएगी।
सिंदूर लगाने से पहले स्नान कर लें और कुछ खा लें। इसके बाद ही सिंदूर लगाना अधिक शुभ माना जाता है।
ज्योतिष के अनुसार जब महिलाएं अपनी मांग में सिंदूर भरती हैं, तो उनका चेहरा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए। कहते हैं ऐसा करने से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति और प्रेम बढ़ता है।
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