मुश्किल में फंस सकते हैं इन 6 राशियों के लोग, चंद्रमा-राहु की युति बना रही है अशुभ योग

17 फरवरी की सुबह 9 बजकर 5 मिनट पर चंद्रमा ने शनि की राशि कुंभ में गोचर कर लिया है। यहां वे करीब ढाई दिनों तक रहेंगे। यह पहले से ही राहु मौजूद होने के कारण यह गोचर ग्रहण योग का निर्माण कर रहा है। इस कारण यह गोचर कुछ राशि वालों के लिए शुभ नहीं रहने वाला है। आइए जानते हैं कि वे कौन सी राशियां हैं, जिनके लिए यह गोचर अच्छा नहीं रहेगा?

Authored by: Mohit TiwariUpdated Feb 17 2026, 13:00 IST
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चंद्रमा का कुंभ में गोचर

17 फरवरी 2026 की सुबह 9 बजकर 5 मिनट पर चंद्रमा ने कुंभ राशि में प्रवेश किया है। कुंभ राशि में पहले से ही राहु, सूर्य, बुध और शुक्र स्थित हैं। एक ही राशि में इतने ग्रहों का एकत्र होना ज्योतिषीय दृष्टि से स्थिति को अत्यंत संवेदनशील स्थिति बनाता है। इसी दिन सूर्य ग्रहण भी लग रहा है, जिससे इस ग्रह संयोग का प्रभाव और अधिक तीव्र हो जाता है। चंद्रमा मन और भावनाओं का प्रतिनिधित्व करता है। राहु के साथ इसकी युति भ्रम, तनाव, अस्थिरता और अचानक निर्णयों की स्थिति पैदा कर सकती है। सूर्य ग्रहण आत्मविश्वास, प्रतिष्ठा और ऊर्जा स्तर को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में कुछ राशियों को विशेष रूप से अगले दो दिन सावधानी बरतने की आवश्यकता है। आइए जानते हैं कि वे कौन सी राशियां हैं, जिनके लिए यह गोचर चुनौतीपूर्ण रह सकता है।

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​मेष राशि​

मेष राशि के लिए कुंभ एकादश भाव में स्थित है, जो आय, लाभ और मित्रों का भाव है। इतने ग्रहों की उपस्थिति के कारण आय के स्रोतों में अस्थिरता आ सकती है। किसी मित्र या परिचित के साथ आर्थिक लेन-देन में सावधानी रखना जरूरी होगा। अचानक लाभ की आशा में किया गया निवेश नुकसान दे सकता है। मानसिक रूप से भी बेचैनी बनी रह सकती है और किसी की बात का गलत अर्थ निकालने की संभावना है। अगले दो दिन धैर्य और व्यावहारिक सोच अपनाना बेहतर रहेगा। स्थिति को संतुलित रखने के लिए प्रतिदिन सुबह भगवान शिव का ध्यान करें, 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का 108 बार जाप करें और जरूरतमंद व्यक्ति को गुड़ या काले तिल का दान करें। इससे मानसिक शांति और निर्णय क्षमता में सुधार होगा।

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​वृषभ राशि

वृषभ राशि के लिए कुंभ दशम भाव में आता है, जो करियर, पद और प्रतिष्ठा का प्रतिनिधित्व करता है। सूर्य ग्रहण और राहु का प्रभाव कार्यस्थल पर भ्रम या गलतफहमी पैदा कर सकता है। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संवाद में सावधानी रखें। छोटी सी गलती भी बड़ी बन सकती है। सहकर्मियों के साथ प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है और कार्यभार भी अधिक महसूस होगा। इस समय किसी नए प्रोजेक्ट या जोखिम भरे निर्णय से बचना उचित रहेगा। मानसिक स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रतिदिन सूर्य को जल अर्पित करें, सफेद मिठाई का दान करें और शांत मन से अपने कार्यों पर ध्यान केंद्रित करें। इससे आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और नकारात्मक प्रभाव कम होगा।

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​सिंह राशि​

सिंह राशि के लिए कुंभ सप्तम भाव में है, जो विवाह, साझेदारी और सार्वजनिक संबंधों का स्थान है। चंद्रमा और राहु की युति जीवनसाथी या व्यावसायिक साझेदार के साथ मतभेद उत्पन्न कर सकती है। भावनात्मक प्रतिक्रिया देने से बचना अत्यंत आवश्यक होगा। कोई भी निर्णय जल्दबाजी में न लें, क्योंकि गलतफहमी बढ़ सकती है। सामाजिक प्रतिष्ठा से जुड़ी कोई बात भी मन को परेशान कर सकती है। अगले दो दिन संयम और संवाद में मधुरता बनाए रखें। सकारात्मक प्रभाव के लिए शिवलिंग पर जल अर्पित करें, सफेद पुष्प चढ़ाएं और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। इससे संबंधों में संतुलन और मानसिक शांति बनी रहेगी।

​वृश्चिक राशि​05 / 07

​वृश्चिक राशि​

वृश्चिक राशि के लिए कुंभ चतुर्थ भाव में स्थित है, जो घर, परिवार और मानसिक सुख से जुड़ा है। ग्रहों का यह समूह घर के वातावरण में तनाव या असहमति पैदा कर सकता है। माता-पिता या परिवार के किसी सदस्य से विचारों का टकराव संभव है। वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें, क्योंकि चंद्र-राहु का प्रभाव ध्यान भंग कर सकता है। मानसिक रूप से बेचैनी और असंतोष की भावना रह सकती है। इन प्रभावों को कम करने के लिए सोमवार या मंगलवार को चावल या दूध का दान करें, भगवान शिव का ध्यान करें और नियमित रूप से महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। इससे मानसिक संतुलन और पारिवारिक शांति बनी रहेगी।

​मकर राशि​06 / 07

​मकर राशि​

मकर राशि के लिए कुंभ द्वितीय भाव में है, जो धन और वाणी से संबंधित है। इस समय बोलचाल में कठोरता या गलत शब्दों का प्रयोग संबंधों को प्रभावित कर सकता है। आर्थिक मामलों में जोखिम लेने से बचें। परिवार में धन को लेकर चर्चा या असहमति हो सकती है। मानसिक रूप से असुरक्षा की भावना भी उत्पन्न हो सकती है। अगले दो दिन संयम और सावधानी आवश्यक है। अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए जरूरतमंद को काले तिल या कंबल का दान करें, शिव चालीसा का पाठ करें और अपने शब्दों पर नियंत्रण रखें। इससे धन और संबंधों में संतुलन बना रहेगा।

​कुंभ राशि​07 / 07

​कुंभ राशि​

कुंभ राशि के लिए यह गोचर अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि चंद्रमा प्रथम भाव में आकर राहु, सूर्य, बुध और शुक्र के साथ जुड़ रहा है। इससे आत्मविश्वास में कमी, निर्णय में भ्रम और स्वास्थ्य संबंधी हल्की परेशानी हो सकती है। मानसिक दबाव अधिक महसूस होगा और छोटी बात भी बड़ी लग सकती है। इस समय किसी बड़े बदलाव या महत्वपूर्ण निर्णय को टालना ही बेहतर रहेगा। धैर्य और आत्मनियंत्रण आवश्यक है। स्थिति को अनुकूल बनाने के लिए शाम के समय पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं, 'ॐ रां राहवे नमः' मंत्र का जाप करें और सात्विक आहार अपनाएं। इससे राहु के दुष्प्रभाव में कमी आएगी और मन को स्थिरता मिलेगी।

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