13 फरवरी 2026, शुक्रवार को फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की विजया एकादशी है। एकादशी तिथि दोपहर 2 बजकर 25 मिनट तक रहेगी, इसके बाद द्वादशी प्रारंभ हो जाएगी। शाम 4 बजकर 12 मिनट तक मूल नक्षत्र रहेगा और फिर पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र लग जाएगा। पूरे दिन वज्र योग का प्रभाव रहेगा, जिसे ज्योतिष में थोड़ा कठोर और परिणामकारी माना जाता है।ग्रहों की स्थिति पर नजर डालें तो सूर्य कुंभ राशि में राहु, शुक्र और बुध के साथ युति में हैं। चंद्रमा धनु में, गुरु मिथुन में, केतु सिंह में, शनि मीन में और मंगल मकर में स्थित हैं। सूर्य-राहु का प्रभाव, वज्र योग और चंद्रमा की स्थिति कुछ राशियों के लिए मानसिक दबाव, भ्रम और निर्णय संबंधी अस्थिरता पैदा कर सकती है। आइए जानते हैं किन राशियों को इस दिन विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, इसके साथ ही दिन को अच्छा बनाने के लिए क्या उपाय अपना सकते हैं।
कर्क राशि के लिए यह दिन मानसिक रूप से थोड़ा दबाव वाला रह सकता है। चंद्रमा छठे भाव में होने से कार्यक्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है और विरोधी सक्रिय हो सकते हैं। छोटी-छोटी बातों पर तनाव महसूस हो सकता है, जिससे निर्णय लेने में उलझन बनी रहेगी। आर्थिक मामलों में अनावश्यक खर्च सामने आ सकता है। स्वास्थ्य के प्रति भी सजग रहें, विशेषकर पाचन और नींद से जुड़ी परेशानी हो सकती है। इस दिन धैर्य और संतुलन बनाए रखना ही सबसे बड़ा सहारा होगा। इस स्थिति को संतुलित करने के लिए सुबह भगवान विष्णु को पीले फूल अर्पित करें और श्रद्धा से 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का 108 बार जाप करें। इससे मानसिक शांति और स्थिरता प्राप्त हो सकती है।
वृश्चिक राशि वालों के लिए चंद्रमा दूसरे भाव में रहेगा, जिससे वाणी और पारिवारिक मामलों में सावधानी जरूरी होगी। किसी बात को लेकर परिवार में मतभेद उत्पन्न हो सकते हैं। आर्थिक लेन-देन में सतर्कता रखें, क्योंकि गलत निर्णय आगे चलकर परेशानी दे सकता है। सूर्य-राहु का प्रभाव मानसिक असमंजस बढ़ा सकता है, इसलिए जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला लेने से बचें। संयमित व्यवहार और शांत दृष्टिकोण इस दिन बेहद जरूरी रहेगा। दिन को संतुलित रखने के लिए शिवलिंग पर जल अर्पित करें और 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जप करें। इससे नकारात्मक ऊर्जा कम होगी और आत्मबल मजबूत रहेगा।
मकर राशि के लिए यह दिन कुछ उतार-चढ़ाव ला सकता है। चंद्रमा बारहवें भाव में होने से अनावश्यक खर्च और मानसिक बेचैनी बढ़ सकती है। योजनाओं में देरी या बदलाव की स्थिति बन सकती है, जिससे निराशा महसूस हो सकती है। मंगल आपकी ही राशि में स्थित है, जिससे ऊर्जा तो भरपूर रहेगी, लेकिन क्रोध या अधीरता से नुकसान हो सकता है। किसी भी विवाद में पड़ने से बचें और संयम से काम लें। इस दिन हनुमान चालीसा का पाठ करना लाभकारी रहेगा। इसके साथ ही लाल मसूर की दाल का दान करने से मंगल का प्रभाव संतुलित हो सकता है और मानसिक स्थिरता मिलेगी।
मीन राशि वालों के लिए शनि आपकी ही राशि में स्थित हैं, जिससे जिम्मेदारियों का बोझ अधिक महसूस हो सकता है। सूर्य-राहु का प्रभाव बारहवें भाव पर पड़ रहा है, जिससे मानसिक चिंता या भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति बन सकती है। कार्यस्थल पर वरिष्ठों के साथ तालमेल बनाए रखना आवश्यक होगा। इस दिन बड़े निवेश या नई शुरुआत टालना बेहतर रहेगा और आत्मविश्लेषण पर ध्यान देना अधिक लाभकारी सिद्ध होगा। दिन को सकारात्मक बनाने के लिए शनिदेव को तिल का तेल अर्पित करें और जरूरतमंदों को काला तिल दान करें। इससे शनि का प्रभाव संतुलित रहेगा और मानसिक शांति प्राप्त होगी।