12 फरवरी को दोपहर 12 बजकर 22 मिनट तक दशमी तिथि रहेगी, इसके बाद एकादशी शुरू हो जाएगी। दोपहर 1 बजकर 42 मिनट तक चंद्रमा वृश्चिक राशि में रहेंगे और फिर धनु राशि में गोचर करेंगे। सुबह तक चंद्रमा नीच राशि वृश्चिक में होने से भावनात्मक उतार-चढ़ाव, मानसिक अस्थिरता और अचानक फैसले लेने की प्रवृत्ति बढ़ सकती है। ज्येष्ठा के बाद मूल नक्षत्र का लगना भी परिस्थितियों में बदलाव और अंदरूनी बेचैनी का संकेत देता है। मकर में सूर्य और मंगल, कुंभ में बुध, शुक्र और राहु तथा मीन में शनि की स्थिति दिन को कुछ राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण बना सकती है। आइए जानते हैं कि किन राशि वालों के लिए दिन ठीक नहीं रहेगा और दिन को ठीक बनाने के लिए क्या उपाय अपनाएं जा सकते हैं?
मेष राशि वालों के लिए 12 फरवरी का दिन मानसिक दबाव और अनावश्यक खर्च लेकर आ सकता है। चंद्रमा का प्रभाव आपको भीतर से बेचैन कर सकता है, जिससे छोटी-सी बात भी बड़ी लग सकती है। कार्यस्थल पर किसी सहयोगी से मतभेद होने की आशंका है, इसलिए अपनी बात संयम से रखें। आर्थिक मामलों में जल्दबाजी बिल्कुल न करें। दिन को संतुलित रखने के लिए सुबह हनुमान जी को लाल फूल अर्पित करें और ‘ॐ हनुमते नमः’ मंत्र का 11 बार जप करें, इससे मानसिक स्थिरता बनी रहेगी।
कर्क राशि वालों के लिए भावनात्मक रूप से दिन थोड़ा भारी रह सकता है। परिवार में किसी बात को लेकर मन दुखी हो सकता है या किसी करीबी की बात दिल पर लग सकती है। काम में फोकस की कमी रह सकती है और निर्णय लेने में भ्रम रहेगा। ऐसे में प्रतिक्रिया देने के बजाय शांत रहना बेहतर होगा। सुबह शिवलिंग पर जल अर्पित करें और ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करें, इससे मन को शांति और स्थिरता मिलेगी।
चंद्रमा आपकी ही राशि में होने से मन में चिड़चिड़ापन और अस्थिरता रह सकती है। आप जल्दी प्रतिक्रिया दे सकते हैं, जिससे रिश्तों में तनाव आ सकता है। स्वास्थ्य की दृष्टि से भी सिरदर्द या थकान महसूस हो सकती है। दिन को बेहतर बनाने के लिए रात में चंद्रमा को जल में थोड़ा कच्चा दूध मिलाकर अर्घ्य दें और ‘ॐ सोमाय नमः’ मंत्र का जप करें, इससे मानसिक संतुलन बना रहेगा।
मकर राशि में सूर्य और मंगल की स्थिति आपको ऊर्जा तो देगी, लेकिन गुस्सा और अहंकार भी बढ़ा सकती है। ऑफिस या बिजनेस में टकराव की स्थिति बन सकती है। पार्टनर के साथ बातचीत में संयम रखें, वरना बात बढ़ सकती है। किसी भी बड़े निर्णय को टालना बेहतर रहेगा। दिन को शांत रखने के लिए भगवान शिव को सफेद फूल अर्पित करें और कुछ समय ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करें, इससे आंतरिक शांति बनी रहेगी।
मीन राशि में शनि का प्रभाव जिम्मेदारियों का दबाव बढ़ा सकता है। काम का बोझ और मानसिक थकान महसूस हो सकती है। वरिष्ठों से बातचीत में सावधानी रखें और निवेश जैसे फैसले फिलहाल टालें। दिन को संतुलित करने के लिए शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का जाप करें, इससे शनि के प्रभाव में राहत मिलेगी।
यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।