यह गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में स्थित है। इसे पहला ज्योतिर्लिंग माना जाता है।
यह ज्योतिर्लिंग आंध्र प्रदेश के श्रीशैल पर्वत पर स्थित यह ज्योतिर्लिंग दुनिया भर में प्रसिद्ध है।
बाबा महाकाल के धाम उज्जैन में स्थित यह एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग है।
यह ज्योतिर्लिंग नर्मदा नदी के मध्य द्वीप पर स्थित है।
हिमालय की गोद में बसा यह ज्योतिर्लिंग सबसे ऊंचाई पर स्थित है।
महाराष्ट्र राज्य में सह्याद्रि पर्वत श्रृंखला पर स्थित यह मंदिर प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी प्रसिद्ध है।
मान्यता है कि वाराणसी में स्थित इस ज्योतिर्लिंग के दर्शन के बाद आपको मोक्ष की प्राप्ति होती है।
भारत की प्रमुख नदियों में शामिल गोदावरी नदी का उद्गम स्थल यहीं से माना जाता है।
इसे बाबा बैद्यनाथ धाम के नाम से भी जाना जाता है। यह झारखंड राज्य में स्थित है।
द्वारका के पास स्थित यह ज्योतिर्लिंग नागों के स्वामी के रूप में शिव की आराधना का प्रतीक है।
दक्षिण भारत में स्थित इस ज्योतिर्लिंग की कथा रामायण से जुड़ती है।
यह 12वां और अंतिम ज्योतिर्लिंग माना जाता है, जो महाराष्ट्र राज्य में एलोरा की गुफाओं के पास स्थित है।