सूर्य के जिस हिस्से में होता है शक्तिशाली विस्फोट, वैज्ञानिकों ने उसको लेकर बनाया अनोखा रिकॉर्ड; जानें
Most Violent Region in Sun: सूर्य में अक्सर धमाके होते रहते हैं और खगोलविद लगातार उनका अध्ययन कर रहे हैं। हाल ही में एक ऐसी रिसर्च सामने आई है जिसमें पता चला है कि खगोलविदों ने सूर्य के सबसे हिंसक और सक्रिय क्षेत्र को तीन माह से ज्यादा समय तक लगातार देखा और एक नई उपलब्धि हासिल की। यह उपलब्धि न सिर्फ सौर गतिविधियों को बेहतर ढंग से समझने में मददगार साबित होगी, बल्कि भविष्य में आने वाले सौर तूफानों की सटीक भविष्यवाणी में भी अहम भूमिका निभा सकती है।
ऐतिहासिक सौर तूफान
मई 2024 में आए शक्तिशाली सौर तूफानों की अक्सर चर्चा होती हैं। उस वक्त पूरी दुनिया में दुर्लभ ऑरोरा दिखाए जिन्हें देख लाखों लोग मंत्रमुग्ध हो गए। वहीं, खगोलविदों का पूरा ध्यान सूर्य की गतिविधियों के अध्ययन पर टिका रहा। (प्रतीकात्मक फोटो साभार: @NASASun)
ऐतिहासिक रिकॉर्ड
खगोलविदों ने तीन माह से ज्यादा समय तक बिना रुके सबसे सक्रिय और खतरनाक सौर क्षेत्र की निगरानी की, जो अब तक का सबसे लंबा अवलोकन रिकॉर्ड है। (प्रतीकात्मक फोटो साभार: @NASASun)
किसने की सूर्य की निगरानी
सूर्य के दोनों ओर स्थित दो वेधशालाओं ने सौर सतह पर एक सक्रिय क्षेत्र की तीन माह से ज्यादा समय तक निरंतर निगरानी की, जो किसी उपलब्धि से कम नहीं है। हालांकि, सिर्फ 26 से 29 अप्रैल के बीच थोड़ी देर के लिए निगरानी में थोड़ी दिक्कत आई थी। (प्रतीकात्मक फोटो साभार: @NASASun)
कैसे मुमकिन हुआ अध्ययन
आमतौर पर खगोलविद सूर्य के किसी सक्रिय हिस्से को केवल करीब दो हफ्ते ही देख पाते हैं, क्योंकि सूर्य हर 28 दिन में एक बार घूमता है, लेकिन यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) के Solar Orbiter और नासा के Solar Dynamics Observatory ने अलग-अलग स्थानों से सूर्य की निगरानी की। (प्रतीकात्मक फोटो साभार: @NASASun)
सूर्य का सबसे सक्रिय क्षेत्र
इस खतरनाक सौर क्षेत्र का जन्म अप्रैल 2024 में हुआ और इसी ने दशकों के सबसे मजबूत भू-चुंबकीय तूफानों को जन्म दिया। (प्रतीकात्मक फोटो साभार: @NASASun)
क्या कुछ है खास
लंबे अवलोकन से खगोलविदों को सूर्य के चुंबकीय क्षेत्रों में होने वाले बदलाव समझने का मौका मिला, जो भविष्य में होने वाले अध्ययनों में काफी मददगार साबित हो सकता है। (प्रतीकात्मक फोटो साभार: @NASASun)
क्यों जरूरी है अध्ययन
सौर तूफान महज ऑरोरा ही नहीं दिखाते हैं, बल्कि सैटेलाइट, बिजली ग्रिड और संचार प्रणालियों को निष्क्रिय भी कर सकते हैं। इसलिए इन तूफानों को समझना और पहले से चेतावनियां जारी करना बेहद जरूरी है। (प्रतीकात्मक फोटो साभार: @NASASun)
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