भारत के अलावा ब्रह्मोस जैसी मिसाइल किन-किन देशों के पास? पाकिस्तान तो छोड़िए लिस्ट में चीन भी नहीं है

भारत की ब्रह्मोस मिसाइल दुनिया की सबसे खतरनाक मिसाइल मानी जाती है। दुनिया के कई देश इसे खरीदने के लिए लाइन में लगे हैं। ब्रह्मोस में कई देशों का इंटरेस्ट देखकर इतना तो कंफर्म हो जाता है कि ज्यादा देशों के पास ऐसी मिसाइल टेक्नोलॉजी नहीं है। जहां दुनिया में अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस जैसे देश मिसाइल इंडस्ट्री में सालों से धाक जमाए हुए हैं, वहां भारत की ओर ब्रह्मोस के लिए बाकी देशों का भागना ये तो साफ कर दे रहा है कि बड़े और शक्तिशाली देशों के पास भी यह टेक्नोलॉजी नहीं है। आइए जानते हैं कि किन-किन देशों के पास है ब्रह्मोस जैसी मिसाइल।

Authored by: शिशुपाल कुमारUpdated Feb 7 2026, 08:47 IST
ब्रह्मोस जैसी मिसाइल है भी या नहीं?Image Credit : DRDO/Navy/Brahmos Aerospace01 / 07

ब्रह्मोस जैसी मिसाइल है भी या नहीं?

सही मायने में कहिए तो ब्रह्मोस के टक्कर जैसी मिसाइल सही मायने में है ही नहीं। ब्रह्मोस जिन खासियतों से लैस है, उन खासियतों से लैस मिसाइल किसी के पास नहीं है। ब्रह्मोस शुरू से ही जो सुपरसोनिक गति से भागती है, उससे उसका पता लगाना और नष्ट करना, असंभव सा हो जाता है। 2.5-2.8 मैक की गति वाली ब्रह्मोस मिसाइल दुनिया की सबसे तेज क्रूज मिसाइलों में से एक है - यह अमेरिकी सबसोनिक हार्पून क्रूज मिसाइल से लगभग साढ़े तीन गुना तेज है।

ब्रह्मोस से मिलती-जुलती मिसाइल किन देशों के पासImage Credit : DRDO/Navy/Brahmos Aerospace02 / 07

ब्रह्मोस से मिलती-जुलती मिसाइल किन देशों के पास

अगर ब्रह्मोस जैसी मिसाइल की बात हो तो रूस को छोड़कर यह न तो अमेरिका के पास है और न ही चीन के पास। पाकिस्तान की तो बात ही नहीं मत करिए। यह रूस की पी-800 ओंकिस क्रूज मिसाइल की प्रौद्योगिकी पर आधारित है। इसलिए यह कहा जा सकता है कि यह मिसाइल इससे मिलती है। चीन का CX-1 को ब्रह्मोस की कॉपी कहा जात है, लेकिन ये भी ब्रह्मोस जैसी नहीं है। ब्रह्मोस को पानी जमीन से, हवा से, पानी से और पानी के अंदर से भी लॉन्च किया जा सकता है, जबकि CX-1 जमीन और पानी पर से लॉन्च किया जा सकता है।

क्या ब्रह्मोस मिसाइल को रोक जा सकता है?Image Credit : DRDO/Navy/Brahmos Aerospace03 / 07

क्या ब्रह्मोस मिसाइल को रोक जा सकता है?

इस सवाल का जवाब एक लाइन में है- नहीं। ब्रह्मोस की सबसे बड़ी चुनौती उसकी बेहद तेज रफ्तार है। यह मैक 2.8 से 3 की गति से उड़ती है, यानी आवाज़ की रफ्तार से लगभग तीन गुना तेज। इतनी तेज स्पीड के कारण दुश्मन को इसे पहचानने, ट्रैक करने और इंटरसेप्ट करने के लिए बहुत कम समय मिलता है। सैन्य विशेषज्ञ मानते हैं कि ब्रह्मोस का इंटरसेप्शन थ्योरी में संभव है, लेकिन युद्ध की वास्तविक स्थिति में इसकी सफलता की संभावना बहुत कम होती है।

रडार की नजर में आने से कैसे बचता है ब्रह्मोसImage Credit : DRDO/Navy/Brahmos Aerospace04 / 07

रडार की नजर में आने से कैसे बचता है ब्रह्मोस

ब्रह्मोस जमीन या समुद्र की सतह के बेहद करीब उड़ती है (सी-स्किमिंग प्रोफाइल), जिससे रडार की पकड़ में देर से आती है। जब तक दुश्मन का डिफेंस सिस्टम अलर्ट होता है, तब तक मिसाइल लक्ष्य के काफी पास पहुंच चुकी होती है। तीसरी अहम बात इसकी मैनूवर करने की क्षमता है। ब्रह्मोस उड़ान के दौरान दिशा बदल सकती है, जिससे इसे साधारण एयर डिफेंस मिसाइलों से मार गिराना और कठिन हो जाता है।

ब्रह्मोस को रोकना कैसे होगा संभव?Image Credit : DRDO/Navy/Brahmos Aerospace05 / 07

ब्रह्मोस को रोकना कैसे होगा संभव?

आधुनिक और बेहद उन्नत मल्टी-लेयर एयर डिफेंस सिस्टम- जैसे लंबी दूरी के रडार, तेज़ प्रतिक्रिया वाले इंटरसेप्टर और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर-सैद्धांतिक रूप से ब्रह्मोस को रोकने की कोशिश कर सकते हैं। लेकिन इसके लिए बेहद उच्च तकनीक, बेहतर नेटवर्किंग और सही समय पर प्रतिक्रिया जरूरी होती है।

ब्रह्मोस को क्यों कहा जाता है “फायर एंड फॉरगेट”?Image Credit : DRDO/Navy/Brahmos Aerospace06 / 07

ब्रह्मोस को क्यों कहा जाता है “फायर एंड फॉरगेट”?

ब्रह्मोस लगभग 290 से 450 किलोमीटर तक लक्ष्य को भेद सकती है और बेहद सटीकता के साथ अपने टारगेट पर वार करती है। इसका “फायर एंड फॉरगेट” सिस्टम लॉन्च के बाद किसी अतिरिक्त मार्गदर्शन की जरूरत नहीं छोड़ता।

ब्रह्मोस का वारहेड कितना शक्तिशाली?Image Credit : DRDO/Navy/Brahmos Aerospace07 / 07

ब्रह्मोस का वारहेड कितना शक्तिशाली?

ब्रह्मोस का वारहेड काफी शक्तिशाली होता है और यह दुश्मन के बड़े से बड़े युद्धपोत, बंकर या रणनीतिक ठिकाने को भारी नुकसान पहुंचाने में सक्षम है। इसकी हाई-प्रिसिजन स्ट्राइक क्षमता इसे पारंपरिक और रणनीतिक दोनों तरह के अभियानों में कारगर बनाती है।

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