नई Vande Bharat Sleeper उतरेंगी पटरी पर, अब छोटे शहरों से भी होगी कनेक्टिविटी

भारत में रेल यात्रियों के सफर को अब और आरामदायक बनाने के लिए भारतीय रेलवे 'स्लीपर सेगमेंट' में बड़ा बदलाव करने जा रही है। भारतीय रेलवे ने इसके लिए योजना तैयार की है, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक भारतीय रेलवे वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के कुल 260 रेक बनाने की योजना बना चुकी है। यह अब तक का सबसे बड़ा स्लीपर ट्रेन प्रोजेक्ट माना जा रहा है। यह ट्रेनें खास तौर पर लंबी दूरी की रात्रिकालीन यात्राओं के लिए होंगी, जहां अभी राजधानी, दुरंतो और मेल-एक्सप्रेस का दबदबा है। जिसका स्थान अब नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन लेने जा रही है। आइए जानते हैं कि रेलवे की क्या प्लॉनिंग है।

Authored by: रवि वैश्यUpdated Feb 12 2026, 20:35 IST
नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का हो रहा निर्माणImage Credit : Social media/canva01 / 07

नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का हो रहा निर्माण

नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का निर्माण चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। पहले प्रोटोटाइप, फिर ट्रायल और उसके बाद सीरीज प्रोडक्शन होगा। इस पूरी प्रक्रिया में BEML और इंटीग्रल कोच फैक्ट्री चेन्नई की अहम भूमिका रहेगी। ये ट्रेनें लंबी दूरी की यात्रा को पूरी तरह बदल देंगी, क्योंकि इनमें आधुनिक सुरक्षा और आराम की सुविधाएं जैसे- झटका-रहित सेमी-पर्मानेंट कपलर और एंटी-क्लाइंबर, कवच सिस्टम आदि की व्यवस्था है।

​कब शुरू होगी सेवा?Image Credit : Social media/canva02 / 07

​कब शुरू होगी सेवा?

रेल मंत्रालय से मिल रहे संकेतों के मुताबिक, पहले कुछ वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट ट्रायल के बाद जल्द सेवाओं में शामिल किए जाएंगे। इसके बाद मांग और ऑपरेशनल तैयारी के आधार पर इन्हें चरणों में अलग-अलग रूट्स पर उतारा जाएगा। यानी कह सकते हैं कि लॉन्च एक साथ नहीं बल्कि स्टेप-बाय-स्टेप होगी।

​सबसे पहले किन रूट्स पर नई वंदे भारत स्लीपर ? Image Credit : Social media/canva03 / 07

​सबसे पहले किन रूट्स पर नई वंदे भारत स्लीपर ?

सूत्रों के अनुसार, शुरुआती चरण में इन नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों को दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-कोलकाता, दिल्ली-चेन्नई,मुंबई-हैदराबाद, हावड़ा-बेंगलुरु जैसे हाई-डिमांड, लंबी दूरी वाले रूट्स पर चलाया जा सकता है, जहां रात की स्लीपर ट्रेनों बेहद जरूरत महसूस की जा रही है।

​वंदे भारत स्लीपर में सुविधाओं की भरमारImage Credit : Social media/canva04 / 07

​वंदे भारत स्लीपर में सुविधाओं की भरमार

ऑटोमेटिक प्लग दरवाजे और चौड़े गैंगवे, सभी कोच में CCTV, इमरजेंसी में पैसेंजर और ट्रेन मैनेजर या लोको पायलट से बात करने की सुविधा,हर कोच के अंत में फायर बैरियर दरवाजे आदि सुविधाओं से लैस है।

​बेहतर फायर सेफ्टी और स्मार्ट मॉनिटरिंग की सुविधाImage Credit : Social media/canva05 / 07

​बेहतर फायर सेफ्टी और स्मार्ट मॉनिटरिंग की सुविधा

वंदे भारत स्लीपर में इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम है तो वहीं बेहतर फायर सेफ्टी और स्मार्ट मॉनिटरिंग की सुविधा भी है। वहीं इस ट्रेन में कवच सुरक्षा प्रणाली भी है जो मौजूदा स्लीपर ट्रेनों से इन्हें अलग बनाती हैं।

​अभी वंदे भारत सिर्फ चेयर कार डे-ट्रेन के तौर पर जानी जाती थीImage Credit : Social media/canva06 / 07

​अभी वंदे भारत सिर्फ चेयर कार डे-ट्रेन के तौर पर जानी जाती थी

अभी वंदे भारत सिर्फ चेयर कार डे-ट्रेन के तौर पर जानी जाती थी पर अब स्लीपर वर्जन आने से लंबी दूरी, रात की यात्रा, तेज स्पीड और कम समयको एक साथ जोड़ने की तैयारी है।

​टेक्नोलॉजी में बड़ा बदलावImage Credit : Social media/canva07 / 07

​टेक्नोलॉजी में बड़ा बदलाव

वंदे भारत स्लीपर जो क्रैशवर्थी बॉडी के साथ है उसमें झटका-रहित सेमी-पर्मानेंट कपलर और एंटी-क्लाइंबर, कवच सिस्टम लगा हुआ है। 160 किमी प्रति घंटा ऑपरेटिंग स्पीड से यात्रा का समय घटेगा वहीं रात की लंबी दूरी वाली ट्रेनों का सीन ही बदल जाएगा।

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