अमेरिका-इजराइल के साथ जारी युद्ध में ईरान में मरने वालों की संख्या कम से कम 1,230 हो गई है। ईरान की एक सरकारी एजेंसी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।’ईरान्स फाउंडेशन ऑफ मार्टर्स एंड वेटरन्स अफेयर्स’ ने आंकड़े जारी करते हुए कहा कि इस संघर्ष में 1,230 लोगों के मारे जाने की सूचना है।
अमेरिका और उसके सहयोगियों की ओर से ईरान के कई अहम शहरों में हवाई हमले किए गए। इन हमलों का निशाना सैन्य ठिकाने, हथियार भंडार और रणनीतिक इन्फ्रास्ट्रक्चर रहे। राजधानी तेहरान समेत कई जगहों पर जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं।
अमेरिका के हमलों के जवाब में ईरान ने भी मिसाइल और ड्रोन हमले किए। ईरान ने इजरायल और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की, जिससे पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ गया।
अमेरिकी हमलों का मुख्य निशाना ईरान के सैन्य ठिकाने और मिसाइल लॉन्च साइट रहे। कई एयरबेस, हथियार डिपो और रक्षा सुविधाओं को गंभीर नुकसान पहुंचा है, जिससे ईरान की सैन्य क्षमता पर असर पड़ा है।
हमलों के कारण कई इलाकों में बिजली, संचार और परिवहन व्यवस्था प्रभावित हुई है। कुछ जगहों पर इमारतों को नुकसान पहुंचा और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती सैन्य कार्रवाई ने पूरे मध्य पूर्व में बड़े युद्ध का खतरा पैदा कर दिया है। कई देशों ने अपने सैन्य ठिकानों की सुरक्षा बढ़ा दी है और नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। इस युद्ध के बीच दुनिया के कई देश तनाव कम करने की अपील कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र और कई वैश्विक शक्तियां बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रही हैं ताकि क्षेत्र में और तबाही न हो।
इस युद्ध के बीच दुनिया के कई देश तनाव कम करने की अपील कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र और कई वैश्विक शक्तियां बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रही हैं ताकि क्षेत्र में और तबाही न हो।