10-20 नहीं अगले महीने इंडियन एयरफोर्स के लिए बनकर तैयार हो जाएंगे इतने फाइटर जेट्स, दुश्मन देश को फिर रुलाएगा मई

Indian Air Force New Fighter Jets: भारत की सरकारी एयरोस्पेस कंपनी अपने सबसे ज्यादा देखे जाने वाले फाइटर जेट प्रोग्राम के बारे में कहानी को बदलने की कोशिश कर रही है। HAL के चीफ डॉ. डी.के. सुनील ने संकेत दिया है कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड का इरादा मार्च 2026 के आखिर तक 24 तेजस Mk1A फाइटर जेट तैयार करने का है। यह एक अहम कदम है जिसका मकसद प्रोडक्शन की रफ्तार दिखाना है, जबकि यह प्रोग्राम अभी भी इंजन सप्लाई की दिक्कतों और सर्टिफिकेशन टाइमलाइन से जूझ रहा है।

Authored by: Nitin AroraUpdated Feb 7 2026, 16:25 IST
GE F404 इंजन से चलेंगे पांच जेटImage Credit : FREEPIK01 / 07

GE F404 इंजन से चलेंगे पांच जेट

इस प्लान के सेंटर में अलग-अलग स्टेज की तैयारी वाले एयरक्राफ्ट का एक मिक्स्ड बैच है। डॉ. सुनील की बातों के अनुसार, लाइनअप में शामिल पांच तेजस Mk1A जेट नए सप्लाई किए गए GE F404 इंजन से चलेंगे। नौ दूसरे एयरक्राफ्ट पहले ही कैटेगरी B के रिजर्व F404 इंजन का इस्तेमाल करके उड़ान भर चुके हैं और उनकी टेस्टिंग हो चुकी है, जिससे HAL नए इंजन की डिलीवरी का इंतजार करते हुए फ्लाइट वैलिडेशन और सिस्टम इंटीग्रेशन जारी रख सके। बाकी एयरक्राफ्ट असेंबली के एडवांस्ड स्टेज में बताए जा रहे हैं, जो प्रोडक्शन पाइपलाइन को स्टेबल करने की एक बड़ी कोशिश का हिस्सा हैं।

IAF को जेट हैंडओवर क्यों सही से नहीं हो रहे?Image Credit : FREEPIK02 / 07

IAF को जेट हैंडओवर क्यों सही से नहीं हो रहे?

यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब HAL पर इंडियन एयर फोर्स को तेजस Mk1A की डिलीवरी तेज करने का दबाव बढ़ रहा है। Mk1A वेरिएंट स्वदेशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट प्लेटफॉर्म का एक महत्वपूर्ण अपग्रेड है, जिसमें अपग्रेडेड एवियोनिक्स, बेहतर मेंटेनेंस फीचर्स और बेहतर कॉम्बैट क्षमता शामिल है। हालांकि, इंजन की सप्लाई एक लगातार रुकावट बनी हुई है। HAL ने डिलीवरी की धीमी गति का मुख्य कारण GE F404 इंजनों की देरी से होने वाली शिपमेंट को बताया है, एक ऐसा कारण जिसने फाइनल इंटीग्रेशन और हैंडओवर शेड्यूल को सीमित कर दिया है।

मजबूत बन रहा है सिस्टम, लेकिन बेड़े में आने में देरीImage Credit : FREEPIK03 / 07

मजबूत बन रहा है सिस्टम, लेकिन बेड़े में आने में देरी

इंजन की उपलब्धता सिर्फ एक पहलू है। तेजस Mk1A में नए एवियोनिक्स और मिशन सिस्टम भी शामिल हैं जिनके लिए कड़ी सर्टिफिकेशन की जरूरत होती है। IDRW की रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रोग्राम से जुड़े सूत्रों का कहना है कि इन अपग्रेड के लिए वैलिडेशन साइकिल में शुरू में सोचे गए समय से ज्यादा समय लगा है। लड़ाकू विमानों को शामिल करने में सर्टिफिकेशन एक जरूरी चरण है, खासकर जब एक साथ कई सबसिस्टम लगाए जा रहे हों। हालांकि इससे शेड्यूल में देरी हुई है, लेकिन यह जोखिम कम करने की प्रक्रिया का भी हिस्सा है जो यह सुनिश्चित करता है कि विमानों के फ्रंटलाइन सेवा में आने के बाद ऑपरेशनल विश्वसनीयता बनी रहे।

कागजी कार्रवाई भी समस्याImage Credit : FREEPIK04 / 07

कागजी कार्रवाई भी समस्या

24 विमानों की लाइनअप को इकट्ठा करके और दिखाकर, HAL यह संकेत दे रहा है कि प्रोडक्शन इकोसिस्टम एक्टिव और काबिल है, भले ही फाइनल डिलीवरी इंजन और कागजी कार्रवाई की वजह से रुकी हुई हो। ऐसा प्रदर्शन इंडियन एयर फोर्स और रक्षा मंत्रालय सहित स्टेकहोल्डर्स के लिए भरोसे को बढ़ाने वाला कदम है, क्योंकि यह शॉप फ्लोर पर हुई ठोस प्रगति को दिखाता है। यह HAL की इस मंशा को भी दिखाता है कि एक बार सप्लाई चेन और सर्टिफिकेशन की रुकावटें दूर हो जाएं, तो कंपनी तेजी से लगातार डिलीवरी मोड में आ सकती है।

मई में ऑपरेशन सिंदूर से तोड़ी थी पाकिस्तान की कमरImage Credit : FREEPIK05 / 07

मई में ऑपरेशन सिंदूर से तोड़ी थी पाकिस्तान की कमर

हालांकि, हालिया मीडिया रिपोर्टिंग से पता चलता है कि हैंडओवर के मामले में मार्च 2026 की समय-सीमा ऑपरेशनल से ज्यादा सिंबॉलिक हो सकती है। बता दें कि ऐसी खबरें हैं कि मार्च तक नए जेट मिल सकते हैं। हो सकता है कि उस तारीख तक एयरक्राफ्ट फिजिकली तैयार हो जाएं, लेकिन IAF सर्विस में उनका फॉर्मल इंडक्शन मार्च के बाद तक टल सकता है। इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि एयर फोर्स मई 2026 के आसपास उपलब्ध Mk1A बैच का एक स्ट्रक्चर्ड रिव्यू कर सकती है। अगर वह इवैल्यूएशन प्लान के मुताबिक होता है, तो मौजूदा लॉट से शुरुआती डिलीवरी असल में जून 2026 से शुरू हो सकती है। मई में ऑपरेशन सिंदूर से तोड़ी थी पाकिस्तान की कमर, अब मई में ही हकीकत में नए जेट शामिल करने की दिशा में IAF बढ़ सकता है। जिससे मई में 2025 में जो पाकिस्तान की भारत ने टेंशन बढ़ाई थी वो एक बार फिर 2026 में भी बढ़ सकती है।

भारतीय वायु सेना के लिए अहम वक्तImage Credit : FREEPIK06 / 07

भारतीय वायु सेना के लिए अहम वक्त

भारतीय वायु सेना के लिए, यह समय रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। उम्मीद है कि जब पुराने फ्लीट धीरे-धीरे हटाए जाएंगे, तो तेजस Mk1A स्क्वाड्रन को फिर से भरने में अहम भूमिका निभाएगा। कोई भी देरी, भले ही वह बाहरी सप्लाई चेन पर निर्भरता के कारण हो, फोर्स प्लानिंग पर इसका बुरा असर पड़ता है। HAL के लिए, आने वाले महीने इंजन की सप्लाई, सर्टिफिकेशन पूरा करने और फाइनल असेंबली को सही समय पर करने के लिए एक महत्वपूर्ण मौका हैं, ताकि 24 जेट की लाइनअप का विज़ुअल माइलस्टोन असल ऑपरेशनल डिलीवरी में बदल सके।

Mk1A बनेगा ताकत Image Credit : FREEPIK07 / 07

Mk1A बनेगा ताकत

तेजस Mk1A प्रोग्राम अब एक अहम मोड़ पर है। HAL का मार्च 2026 तक डिलीवरी का वादा उसकी प्रोडक्शन की तैयारी में भरोसे को दिखाता है, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि असेंबल किए गए एयरफ्रेम को तय शेड्यूल पर फाइटर जेट में बदला जाए। अगर इंजन की सप्लाई स्थिर हो जाती है और सर्टिफिकेशन का काम उम्मीद के मुताबिक पूरा हो जाता है, तो Mk1A जल्द ही भारत की लड़ाकू हवाई ताकत में एक भरोसेमंद योगदानकर्ता बन सकता है।

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