नजर से बच नहीं पाएंगी समुद्र में छिपीं दुश्मन की पनडुब्बियां, US से 6 P-8I एयरक्रॉफ्ट खरीदने की तैयारी में भारत

Strenth and capabilities of P-8I anti-submarine warfare aircraft: ट्रेड डील पर आगे बढ़ने के बाद भारत और अपने रक्षा संबंधों को मजबूत बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक भारत छह P-8I एंटी-सबमरीन वारफेयर एवं मैरिटाइम सर्विलांस एयरक्राफ्ट खरीदने के लिए अमेरिका के साथ बातचीत कर रहा है। यह रक्षा सौदा करीब 3 अरब अमेरिकी डॉलर का है। इस रक्षा सौदे पर जल्द हस्ताक्षर हो सकते हैं। छह P-8I विमान भारतीय नौसेना की निगरानी क्षमता में जबर्दस्त इजाफा करेंगे। इससे हिंद महासागर एवं अरब सागर की चुनौतियों से निपटने में नौसेना और ज्यादा सक्षम और कारगर होगी। आने वाले दिनों में भारत, अमेरिका से और हथियार और उपकरण खरीद सकता है। (तस्वीर-X/@Kunal_Biswas707)

कई गुना बढ़ जाएगी नौसेना की ताकत
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​कई गुना बढ़ जाएगी नौसेना की ताकत

P-8I पोसाइडन भारतीय नौसेना के पास पहले से हैं। अब इनकी संख्या में इजाफा नौसेना की ताकत को और बढ़ाएगी। हाल के वर्षों में चीन ने अपनी नौसेना काफी विस्तार किया है। युद्धपोतों की संख्या में उसने अमेरिका को भी पीछे छोड़ दिया है। दूसरा, वह पाकिस्तान की नौसेना को भी मदद दे रहा है। हिंद महासागर एवं दक्षिण चीन सागर में उसके बढ़ते दबदबे और प्रभाव से मुकाबला करने के लिए भारतीय नौसेना अपनी पूरी तैयारी रखना चाहती है। (तस्वीर-ANI)

रक्षा मंत्रालय के पास जल्द पेश होगा खरीद प्रस्ताव
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रक्षा मंत्रालय के पास जल्द पेश होगा खरीद प्रस्ताव

ANI ने रक्षा सूत्रों के हवाले से बताया कि छह नए P-8I विमान खरीदने के प्रस्ताव को जल्द ही रक्षा मंत्रालय द्वारा मंजूरी के लिए पेश किए जाने की उम्मीद है, जिसके बाद इसे सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति से स्वीकृति मिलने की जरूरत होगी। रक्षा सूत्रों ने बताया कि छह नए P-8I विमान खरीदने का भारतीय नौसेना का प्रस्ताव लंबे समय से चर्चा में है, लेकिन कीमत के मुद्दों के कारण बातचीत रुकी हुई थी। (तस्वीर-X/@DefenceDecode)

समुद्री निगरानी व पनडुब्बी-रोधी विमान P-8I
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​समुद्री निगरानी व पनडुब्बी-रोधी विमान P-8I

P-8I पोसाइडन भारतीय नौसेना का सबसे आधुनिक और घातक समुद्री निगरानी व पनडुब्बी-रोधी विमान है। इसे अमेरिका के बोइंग ने भारत की जरूरतों के मुताबिक विशेष रूप से विकसित किया है। इसकी सबसे बड़ी ताकत इसकी एंटी सबमरीन वॉरफेयर (ASW) क्षमता है। (तस्वीर-X/@Neetivaan)

इसमें लगे हैं शक्तिशाली सेंसर
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इसमें लगे हैं शक्तिशाली सेंसर

इसमें अत्याधुनिक सोनोबॉय, मैग्नेटिक एनोमली डिटेक्टर (MAD) और शक्तिशाली सेंसर लगे हैं, जो दुश्मन पनडुब्बियों को समुद्र की गहराई में भी ट्रैक कर सकते हैं। जरूरत पड़ने पर यह टॉरपीडो और डेप्थ चार्ज से सटीक हमला करने में सक्षम है। (तस्वीर-X/@VivekSi85847001)

हिंद महासागर क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर
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हिंद महासागर क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर

यह विमान हजारों किलोमीटर तक उड़ान भरकर हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख सकता है। इसका AN/APY-10 रडार छोटे-से-छोटे जहाज, पनडुब्बी पेरिस्कोप और तस्करी या समुद्री आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियों का भी पता लगा सकता है। (तस्वीर-X/@VivekSi85847001)

टॉरपीडो और स्मार्ट बम लगाए जा सकते हैं
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टॉरपीडो और स्मार्ट बम लगाए जा सकते हैं

P-8I में Harpoon एंटी-शिप मिसाइल, टॉरपीडो और स्मार्ट बम लगाए जा सकते हैं, जिससे यह सिर्फ निगरानी ही नहीं बल्कि सीधा आक्रमण कर दुश्मन की पनडुब्बियों को तहस-नहश कर सकता है। ये विमान दुश्मन के लिए एक बहुत बड़े डेटेरेंट का काम करेंगे। (तस्वीर-X/@Kunal_Biswas707)

नौसेना की समुद्री सुरक्षा की रीढ़ हैं P-8I
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​नौसेना की समुद्री सुरक्षा की रीढ़ हैं P-8I​

यह विमान नौसेना के अन्य प्लेटफॉर्म—जैसे युद्धपोत, सबमरीन और ड्रोन—के साथ रियल-टाइम डेटा शेयर करता है, जिससे समुद्र में भारत की सिचुएशनल अवेयरनेस कई गुना बढ़ जाती है। P-8I भारतीय नौसेना की समुद्री सुरक्षा की रीढ़ है। पनडुब्बी-रोधी युद्ध से लेकर लंबी दूरी की निगरानी और सटीक हमलों तक, यह विमान हिंद महासागर में भारत की रणनीतिक बढ़त को मजबूत करता है। (तस्वीर-X/@IndianEmbJkt)

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