मुसब्बिर पहले बीएपनी की इकाई ढाका सिटी नॉर्थ स्वच्छसेवक दल के जनरल सेक्रेटरी थे। यह घटना बुधवार रात तेजतुरी बाजार में करीब आठ बजकर 40 मिनट पर हुई। यहां अज्ञात हमलावरों ने दोनों नेताओं को निशाना बनाते हुए उन पर फायरिंग की।
बांग्लादेश में आगामी 12 फरवरी को होने वाले राष्ट्रीय चुनावों से पहले हिंसा बढ़ने के चलते मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार पर सवाल खड़े हो रहे हैं। गौरतलब है कि उस्मान हादी के परिजनों ने भी यूनुस पर चुनावों को टालने के लिए उनकी हत्या का आरोप लगाया था।
ढाका महानगर पुलिस (तेजगांव जोन) के अतिरिक्त उपायुक्त फजलुल करीम ने बताया कि उन्हें पंथापथ स्थित बीआरबी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां पहुंचते ही उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
विपक्षी दलों का आरोप है कि सरकार चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से कराने में असफल रही है। बीएनपी और उसके सहयोगी दल एक तटस्थ कार्यवाहक सरकार के तहत चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं, जबकि प्रधानमंत्री शेख हसीना के नेतृत्व वाली सरकार इस मांग को खारिज करती रही है।
चुनाव से पहले हिंसा को देखते हुए बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के सामने निष्पक्ष एवं स्वतंत्र चुनाव कराना एक बड़ी चुनौती है क्योंकि गतिरोध के चलते सड़कों पर संघर्ष तेज हो गया है। बांग्लादेश में फरवरी में आम चुनाव होने हैं। इस चुनाव पर दुनिया भर की नजरें लगी हैं।
इस घटना के बाद स्थानीय बीएनपी कार्यकर्ताओं सहित लोगों के एक समूह ने सोनारगांव चौराहे के पास विरोध प्रदर्शन किया। परिवार के सदस्यों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने कहा कि मुसब्बीर ने अपना अधिकांश समय अवामी लीग शासन के दौरान उन्हें बार-बार गिरफ्तार किया गया।
बांग्लादेश में आगामी आम चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल तेजी से अस्थिर होता जा रहा है। राजधानी ढाका समेत देश के कई हिस्सों में हिंसा, आगजनी, झड़पें और विरोध-प्रदर्शन आम होते जा रहे हैं। सत्ता पक्ष अवामी लीग और प्रमुख विपक्षी दल बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के बीच टकराव ने चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।