ब्रह्मोस या अग्नि, कौन है सबसे ज्यादा ताकतवर, क्या है अंतर?
ब्रह्मोस और अग्नि दोनों ही मिसाइल भारत की सबसे ताकतवर मिसाइल में शुमार है। भारत हाल के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के खिलाफ ब्रह्मोस का इस्तेमाल कर चुका है। लेकिन अग्नि मिसाइल का प्रयोग भारत ने अभी तक किसी भी देश के खिलाफ नहीं किया है। अग्नि में कई सीरीज की मिसाइल है, जिसकी रेंज और हथियार क्षमता अलग-अलग है। अब सवाल ये है कि ब्रह्मोस और अग्नि में क्या अतंर है, कौन ताकत है, ब्रह्मोस या अग्नि?
अग्नि मिसाइल सिस्टम क्या है?
अग्नि मिसाइलों की शुरुआत 1980 के दशक में इंटीग्रेटेड गाइडेड मिसाइल डेवलपमेंट प्रोग्राम (IGMDP) के तहत हुई थी। समय के साथ इसे अलग-अलग रेंज और क्षमताओं वाली मिसाइलों में विकसित किया गया। अग्नि मिसाइलें परमाणु और पारंपरिक दोनों तरह के हथियार ले जाने में सक्षम हैं। इनमें उन्नत नेविगेशन सिस्टम, उच्च सटीकता और मोबाइल लॉन्च प्लेटफॉर्म जैसी खूबियां हैं। अग्नि मिसाइल सिस्टम भारत की रणनीतिक ताकत और सुरक्षा ढांचे की रीढ़ माना जाता है।
जमीन से जमीन पर मार करती है अग्नि मिसाइल
अग्नि मिसाइल सिस्टम भारत का स्वदेशी बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम है, जिसे देश की सामरिक सुरक्षा और परमाणु प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के लिए विकसित किया गया है। इसे रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने तैयार किया है। अग्नि मिसाइलें ज़मीन से ज़मीन पर मार करने वाली मिसाइलें हैं और भारत की न्यूनतम विश्वसनीय प्रतिरोध नीति का अहम हिस्सा हैं।
अग्नि मिसाइल की रेंज और प्रकार
अग्नि मिसाइल सिस्टम में शामिल प्रमुख मिसाइलें हैं- अग्नि-I: कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल, लगभग 700–900 किमी तक मारक क्षमता; अग्नि-II: मध्यम दूरी की मिसाइल, करीब 2,000 किमी की रेंज; अग्नि-III: लंबी दूरी की मिसाइल, लगभग 3,000 किमी तक सक्षम; अग्नि-IV: उन्नत तकनीक के साथ करीब 4,000 किमी रेंज; अग्नि-V: अंतरमहाद्वीपीय श्रेणी की मिसाइल, जिसकी मारक क्षमता 5,000 किमी से अधिक है।
ब्रह्मोस मिसाइल क्या है?
ब्रह्मोस मिसाइल भारत की सबसे शक्तिशाली और तेज रफ्तार सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल है, जिसे भारत और रूस के संयुक्त उपक्रम ब्रह्मोस एयरोस्पेस ने विकसित किया है। ब्रह्मोस की सबसे बड़ी खासियत इसकी मैक 2.8 से 3.0 की रफ्तार है, जो इसे दुनिया की सबसे तेज ऑपरेशनल क्रूज मिसाइलों में शामिल करती है। यह मिसाइल कम ऊंचाई पर उड़ान भरते हुए दुश्मन के रडार से बच सकती है और लक्ष्य पर बेहद सटीक वार करती है।
जमीन, पानी, हवा, पानी के अंदर, कहीं से भी ब्रह्मोस लॉन्च
ब्रह्मोस मिसाइल की मारक क्षमता लगभग 290 से 450 किलोमीटर के बीच मानी जाती है (वेरिएंट के अनुसार)। यह करीब 200–300 किलोग्राम का पारंपरिक वारहेड ले जाने में सक्षम है। इसे जमीन, समुद्र, पनडुब्बी और हवा-चारों प्लेटफॉर्म से दागा जा सकता है, जिससे इसकी रणनीतिक उपयोगिता कई गुना बढ़ जाती है।
ब्रह्मोस और अग्नि में अंतर
ब्रह्मोस और अग्नि मिसाइलें भारत की रक्षा रणनीति में अलग-अलग भूमिका निभाती हैं। ब्रह्मोस एक क्रूज मिसाइल है, जिसे तेज़ और सटीक पारंपरिक हमले के लिए तैयार किया गया है। इसके विपरीत अग्नि मिसाइल एक बैलिस्टिक मिसाइल श्रृंखला है, जो भारत की रणनीतिक और परमाणु प्रतिरोध क्षमता का आधार मानी जाती है। अग्नि मिसाइलें बहुत अधिक ऊंचाई तक जाकर बैलिस्टिक मार्ग से लक्ष्य पर गिरती हैं और इनकी मारक दूरी सैकड़ों से लेकर पांच हजार किलोमीटर से भी अधिक है।
भारत की तीनों सेनाओं में शामिल
ब्रह्मोस का इस्तेमाल एंटी-शिप और लैंड अटैक दोनों भूमिकाओं में किया जा सकता है। इसकी उड़ान प्रोफाइल “फायर एंड फॉरगेट” तकनीक पर आधारित है, यानी लॉन्च के बाद इसे किसी मार्गदर्शन की जरूरत नहीं होती। भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना तीनों में ब्रह्मोस को शामिल किया जा चुका है। इसे भारत की पारंपरिक सैन्य ताकत का गेम-चेंजर माना जाता है और यह देश की रक्षा क्षमता को निर्णायक बढ़त देता है।
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