रसोई में नमक एक ऐसी चीज है जिसके बिना खाने का स्वाद अधूरा लगता है। लेकिन आजकल बाजार में सफेद नमक, काला नमक और गुलाबी नमक जैसे कई विकल्प मौजूद हैं। सोशल मीडिया पर भी अक्सर दावा किया जाता है कि गुलाबी नमक ज्यादा हेल्दी है या काला नमक सबसे अच्छा है। ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठना लाजमी है कि रोजाना खाने के लिए आखिर कौन सा नमक सबसे बेहतर है। एक्सपर्ट्स की मानें तो जवाब रंग में नहीं, बल्कि नमक की गुणवत्ता में छिपा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सफेद, काला और गुलाबी नमक में मुख्य रूप से एक ही चीज होती है, जिसे सोडियम क्लोराइड कहा जाता है। इनके रंग और स्वाद में फर्क जरूर होता है, लेकिन सेहत को मिलने वाले फायदे में बहुत बड़ा अंतर नहीं होता। इसलिए सिर्फ रंग देखकर किसी नमक को सबसे हेल्दी मान लेना सही नहीं है।
गुलाबी नमक में कुछ प्राकृतिक खनिज पाए जाते हैं, जिसकी वजह से इसका रंग अलग होता है। हालांकि इन खनिजों की मात्रा बहुत कम होती है। इसलिए सिर्फ इन्हीं के भरोसे शरीर को कोई बड़ा अतिरिक्त फायदा मिलने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि नमक चुनते समय सबसे जरूरी बात यह है कि उसमें आयोडीन हो। आयोडीन शरीर के सामान्य विकास और थायरॉयड ग्रंथि के सही कामकाज के लिए जरूरी माना जाता है। इसी वजह से रोजाना इस्तेमाल के लिए आयोडीन युक्त नमक को बेहतर विकल्प माना जाता है।
काला नमक अपने खास स्वाद के लिए पसंद किया जाता है। इसे फल, सलाद या चाट में डालकर खाया जा सकता है। लेकिन रोजाना के मुख्य नमक के रूप में इसे चुनने की बजाय स्वाद बढ़ाने के लिए इस्तेमाल करना ज्यादा सही माना जाता है।
अगर आप सोच रहे हैं कि काला, सफेद या गुलाबी नमक में सबसे ज्यादा फायदेमंद कौन है, तो विशेषज्ञों की राय साफ है - रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए आयोडीन युक्त नमक सबसे अच्छा विकल्प है। नमक का रंग नहीं, बल्कि उसमें मौजूद जरूरी पोषक तत्व और उसकी सही मात्रा आपकी सेहत के लिए ज्यादा मायने रखती है।
प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।