महाशिवरात्रि पर भगवान शिव से सीखें 5 विशेष योग मुद्राएं, मिलेगा फिटनेस का वरदान

Mahashivratri 2026: भगवान शिव को आदियोगी कहा जाता है, जिसका अर्थ है योग के प्रथम गुरु। भारतीय ज्ञान परंपरा के अनुसार योग का ज्ञान का सबसे पहले भगवान शिव को हुआ। आज हम आपको 5 ऐसी मुद्राएं बताने जा रहे हैं, जो आप शिव से सीख सकते हैं।

Authored by: Updated Feb 10 2026, 18:34 IST
​भगवान शिव से सीखें योग​Image Credit : Canva01 / 06

​भगवान शिव से सीखें योग​

भगवान शिव की ध्यानमग्न छवि आज भी मानसिक शांति, संतुलन और आध्यात्मिक जागरूकता का प्रतीक मानी जाती है। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर आप भी शिव से उनकी 5 विशेष मुद्राओं के बारे में सीख सकते हैं।

​पद्मासन​Image Credit : Canva02 / 06

​पद्मासन​

भगवान शिव को अक्सर पद्मासन में ध्यान करते हुए दर्शाया जाता है। इस मुद्रा में दोनों पैरों को विपरीत जांघों पर रखकर रीढ़ सीधी रखते हुए बैठा जाता है।

​नटराजासन​Image Credit : Canva03 / 06

​नटराजासन​

भगवान शिव के नटराज स्वरूप से प्रेरित यह मुद्रा शरीर के संतुलन और लचीलेपन को बढ़ाने के लिए जानी जाती है।

​भुजंगासन​Image Credit : Canva04 / 06

​भुजंगासन​

भुजंगासन शक्ति और जागरूकता का प्रतीक माना जाता है। इस आसन में पेट के बल लेटकर हाथों के सहारे शरीर के ऊपरी हिस्से को ऊपर उठाया जाता है।

​वृक्षासन​Image Credit : Canva05 / 06

​वृक्षासन​

वृक्षासन शरीर और मन को स्थिर रखने में मदद करता है। इसमें एक पैर पर खड़े होकर दोनों हाथों को ऊपर जोड़कर संतुलन बनाया जाता है।

​ध्यान मुद्रा​Image Credit : Canva06 / 06

​ध्यान मुद्रा​

ध्यान मुद्रा योग साधना का सबसे सरल और प्रभावी रूप है। इसमें आराम से बैठकर आंखें बंद करके सांसों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है।

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