ईरान में रोटी सिर्फ भोजन नहीं बल्कि संस्कृति का अहम हिस्सा है। यहां पारंपरिक फ्लैटब्रेड को 'नान' कहा जाता है, जो लगभग हर खाने के साथ परोसी जाती है। सुबह के नाश्ते से लेकर रात के डिनर तक, नान ईरानी खानपान की आत्मा मानी जाती है।
ईरान में ज्यादातर रोटियां गेहूं के आटे से बनाई जाती हैं। कई जगह साबुत गेहूं का आटा इस्तेमाल होता है, जबकि कुछ नान मैदा या गेहूं-मैदा के मिश्रण से भी तैयार की जाती हैं। आटे को हल्का खमीर देकर बनाया जाता है, जिससे रोटी नरम और स्वादिष्ट बनती है।
संगक (Sangak) को ईरान की सबसे पारंपरिक और लोकप्रिय रोटी माना जाता है। यह साबुत गेहूं के आटे से बनती है और खास बात यह है कि इसे छोटे-छोटे गर्म पत्थरों पर बेक किया जाता है। इसका हल्का कुरकुरा स्वाद इसे खास बनाता है। इसे पत्थर वाली रोटी भी कहते हैं।
बरबरी (Barbari) रोटी देखने में थोड़ी मोटी होती है लेकिन अंदर से बेहद नरम। ऊपर से तिल या हल्की ग्लेजिंग इसे अलग पहचान देती है। ईरान में इसे अक्सर मक्खन, पनीर या अंडे के साथ नाश्ते में खाया जाता है।
लावाश (Lavash) ईरान की सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली पतली रोटी है। यह हल्की, लचीली और जल्दी पचने वाली होती है। कबाब, रोल या स्नैक बनाने के लिए यह रोटी खास पसंद की जाती है।
ताफ्तून हल्की और सॉफ्ट रोटी होती है, जिसे तंदूर जैसे ओवन में पकाया जाता है। वहीं नान-ए-शीरमल (Naan-e Sheermal) दूध और हल्की मिठास से तैयार की जाती है, जिसे अक्सर चाय के साथ खाया जाता है। यह ईरानी बेकरी संस्कृति की झलक दिखाती है।
ईरान में रोटी को सब्जी की तरह नहीं बल्कि पूरे भोजन का आधार माना जाता है। नान के साथ कबाब, चीज़, दही, हर्ब्स, मक्खन और जैम तक खाया जाता है। यही वजह है कि ईरानी खाने में सादगी और स्वाद का खूबसूरत संतुलन देखने को मिलता है।