चिंता आना गलत नहीं है, लेकिन उसे संभालना सीखना बेहद जरूरी है। ये छोटे-छोटे तरीके आपकी रोजमर्रा की जिंदगी को काफी आसान बना सकते हैं।
जब चिंता होती है तो हमारी सांस तेज हो जाती है। ऐसे में धीरे-धीरे सांस लें और फिर मुंह से आराम से छोड़ें। 2-3 मिनट ऐसा करने से दिल और दिमाग दोनों शांत हो जाते हैं।
ये बहुत काम का तरीका है। आसपास की 3 चीजें देखो, 3 आवाजें सुनो और अपने शरीर के 3 हिस्से हिलाओ। इससे दिमाग भटकने की बजाय अभी के पल में आ जाता है।
जब दिमाग ज्यादा भागे, तो शरीर को काम पर लगाओ। जैसे- चाय/कॉफी का कप महसूस करो, कपड़ों की बनावट पर ध्यान दो। ये छोटी-छोटी चीजें आपको ग्राउंडेड महसूस कराती हैं।
जब मन में नेगेटिव थॉट्स आएं, तो खुद से बोलें- मैं ठीक हूं, ये बस कुछ समय की बात है। बार-बार बोलने से दिमाग धीरे-धीरे मानने लगता है।
धीमा और शांत म्यूजिक सुनने से दिमाग रिलैक्स होता है। ये एक तरह का मूड रीसेट बटन जैसा काम करता है।