नेल एक्सटेंशन लगाने के दौरान नेल सतह को फाइल किया जाता है, जिससे असली नाखून पतले और कमजोर हो सकते हैं।
अगर एक्सटेंशन के नीचे नमी फंस जाए या गैप रह जाए, तो बैक्टीरिया और फंगस पनप सकते हैं।
ग्लू, जेल और ऐक्रेलिक में मौजूद केमिकल्स लंबे समय तक इस्तेमाल से नाखून और त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
घर पर खींचकर या गलत तरीके से हटाने से नाखून की ऊपरी परत निकल सकती है और दर्द हो सकता है।
कुछ लोगों को इस्तेमाल किए गए प्रोडक्ट्स से एलर्जी हो सकती है, जिससे खुजली, जलन या सूजन हो सकती है।
लगातार एक्सटेंशन रखने से नाखूनों की प्राकृतिक ग्रोथ और हेल्थ प्रभावित हो सकती है।
लंबे या मोटे एक्सटेंशन आसानी से टूट सकते हैं, जिससे असली नाखून भी डैमेज हो सकता है।