मानसून अपने साथ ठंडक और राहत जरूर लाता है, लेकिन यही मौसम कई तरह के संक्रमणों का कारण भी बन जाता है। ज्यादातर लोग बारिश के दिनों में पैरों में होने वाले फंगल इंफेक्शन से सावधान रहते हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इस मौसम में कान भी फंगस की चपेट में आ सकते हैं। आइए जानते हैं कानों के बचाव के उपाय...
कानों में फंगल इंफेक्शन के कई कारण हो सकते हैं, जिसमें हवा में बढ़ी नमी, बार-बार भीगना, कान में पानी चले जाना और गलत तरीके से सफाई करना शामिल है।
ऐसे लोग जिन्हें पहले से कान में संक्रमण, एलर्जी या मधुमेह जैसी समस्या है, उनमें इसका खतरा अधिक रहता है। इसलिए इस समय ऐसे लोगों को अधिक सावधान रहना चाहिए।
कान में फंगल इंफेक्शन होने पर लगातार खुजली, हल्का या तेज दर्द, कान बंद होने जैसा महसूस होना, सुनने की क्षमता में कमी, बदबूदार स्राव निकलना और कभी-कभी कान में भनभनाहट जैसी परेशानी हो सकती है। ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें।
इस मौसम में ईयरफोन या हेडफोन का लंबे समय तक इस्तेमाल न करें, बार-बार कॉटन बड या नुकीली चीजों से कान साफ न करें। इसके साथ ही इसके लिए उपाय भी कर सकते हैं।
यदि कान का दर्द लगातार बढ़ रहा हो, तेज बुखार आ जाए, सुनाई कम देने लगे, खून या अधिक मात्रा में स्राव निकलने लगे या घरेलू देखभाल के बावजूद दो-तीन दिन में आराम न मिले, तो तुरंत ईएनटी एक्सपर्ट से जांच करानी चाहिए।
बारिश में भीगने के बाद कानों को मुलायम तौलिये से सुखाएं। यदि कान में पानी चला जाए तो सिर को हल्का झुकाकर उसे बाहर निकालने की कोशिश करें। अपने ईयरफोन और हेडफोन को नियमित रूप से साफ रखें।