When Sunil Dutt begged Police: बॉलीवुड स्टार संजय दत्त मुंबई ब्लास्ट केस के दौरान अवैध हथियार रखने के मामले में फंस गए थे, जिससे उनकी जिंदगी में बड़ा विवाद खड़ा हो गया था। इस मुश्किल समय में उनके पिता सुनील दत्त ने उन्हें बचाने के लिए हर संभव कोशिश की। हाल ही में मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त एम.एन. सिंह ने इस मामले को लेकर कुछ अहम खुलासे किए हैं। उनके अनुसार, यह मामला उस समय काफी संवेदनशील था और इस पर लगातार नजर रखी जा रही थी, जिससे यह केस लंबे समय तक चर्चा में बना रहा और लोगों की दिलचस्पी का केंद्र बना रहा। आइए नजर डालते है इस रिपोर्ट पर...
बॉलीवुड स्टार संजय दत्त का विवादों से गहरा नाता रहा है। संजय दत्त पर अवैध हथियार रखने का आरोप लगा और बाद में उन्हें 9mm पिस्टल, AK-56 राइफल, हैंड ग्रेनेड और गोलियां रखने के मामले में दोषी ठहराया गया। हाल ही में मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त एम.एन. सिंह ने एक इंटरव्यू में इस केस से जुड़े कई अहम खुलासे किए।
मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त एम.एन. सिंह ने बताया कि अंडरवर्ल्ड पाकिस्तान से हथियार मंगवा रहा था और संजय दत्त ने दाऊद इब्राहिम से बात की थी, उनसे मिले थे और फिर हथियार उनके घर पहुंचाए गए थे। अबू सलेम दाऊद इब्राहिम के भाई के कहने पर ये हथियार देने आया था। जब पुलिस को पता चला कि संजय ने ये हथियार लिए हैं, तो वे हैरान रह गए। एम.एन. सिंह ने बताया कि उस समय सुनील दत्त एक सम्मानित और बड़े नेता थे, इसलिए यह मानना मुश्किल था कि उनके बेटे का नाम ऐसे मामले में आएगा। लेकिन सबूत मिलने के बाद कार्रवाई करना जरूरी था। पुलिस ने संजय दत्त को बुलाकर पूछताछ की, जिसमें उन्होंने अपनी गलती स्वीकार की और कहा कि दंगों के समय उन्हें धमकियां मिल रही थीं, इसलिए उन्होंने ये कदम उठाया।
इंटरव्यू में एम.एन. सिंह ने आगे बताया कि संजय के पास पहले से लाइसेंसी हथियार और पुलिस सुरक्षा मौजूद थी, फिर भी उन्होंने इतने खतरनाक हथियार अपने पास रखे, जो सुरक्षा के लिए नहीं होते। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की गई। उन्होंने यह भी कहा कि जांच के दौरान उन पर कई तरह के दबाव थे, यहां तक कि सुनील दत्त भी उनसे मिलकर अपने बेटे को बचाने की गुजारिश करते थे।
संजय दत्त वाले मामले में सुनील दत्त ने पुलिस से TADA कानून न लगाने की भी अपील की, लेकिन पुलिस ने अपने कर्तव्य के अनुसार कार्रवाई की और केस दर्ज किया। एम.एन. सिंह ने यह भी कहा कि इस मामले में कई लोगों पर TADA के तहत कार्रवाई हुई, लेकिन हथियार लेने वाले और देने वाले लोगों के खिलाफ अलग-अलग तरीके से फैसला हुआ, जिस पर सवाल उठते हैं। उन्होंने साफ कहा कि उनका किसी से कोई निजी विवाद नहीं है, लेकिन इस फैसले पर विचार करना जरूरी है।
बताते चलें कि सुनील दत्त ने अपने बेटे संजय दत्त का हमेशा साथ दिया था। सुनील दत्त ने संजय के जीवन के हर उतार-चढ़ाव, खासकर ड्रग्स की लत और 1993 के जेल जाने के समय, एक ढाल बनकर उनका साथ दिया। संजय दत्त आज भी अपने पिता को याद करके भावुक हो जाते हैं।