क्लासरूम में लगे दरवाजों पर छोटी सी खिड़की अकसर एक नॉर्मल डिजाइन जैसी लगती है लेकिन इसके पीछे सुरक्षा, अनुशासरन और निगरानी से जुड़ी कई सारी बड़ी वजहे हैं।
स्कूलों और कॉलेजों में ग्लास का ये पैनल सिर्फ रोशनी के लिए नहीं लगाया जाता बल्कि इसका सीधा कनेक्शन छात्रों और शिक्षकों से जुड़ी कई बड़ी वजहों से होता है। इसे स्कूलों में विजन पैनल कहा जाता है, जो लगभग हर नए स्कूल भवन का अहम हिस्सा बन चुका है।
इसे लगाने के पीछे सबसे बड़ी वजह मानी जाती है सुरक्षा। अगर क्लासरूम पूरी तरह से बंद है और अंदर क्या हो रहा है, इस बात का अंदाजा बाहर खड़े शख्स को न लगे तो आपात स्थिति में परेशानी खड़ी हो सकती है।
छोटी खिड़की की मदद से बाहर मौजूद शिक्षक, स्टाफ या फिर सुरक्षा कर्मी बिना दरवाजा खोले अंदर के हालात देख सकते हैं। इससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि या फिर दुर्घटना पर तुरंत रिएक्शन देना काफी आसान हो जाता है।
स्कूल प्रशासन के अनुसार, ये खिड़की अनुशासन भी बनाए रखने में मदद करती है। कई बार क्लास में शिक्षक नहीं होने पर बच्चे शोर-शराबा करने लगते हैं। ऐसे में बाहर से निगरानी के लिए ये ग्लास पैनल काफी उपयोगी साबित होता है।
इसके अलावा एक मनोवैज्ञानिक कारण भी इसके पीछे माना जाता है। जब छात्रों को पता होता है कि कोई बाहर से उन्हें देख रहा है तो वे ज्यादा अनुशासित व्यवहार करते हैं। यही वजह है कि कई देशों के स्कूलों में क्लासरूम में दरवाजे में पारदर्शी कांच लगवाना जरूरी कर दिया है। इससे छात्रों और शिक्षकों दोनों के ही बीच जवाबदेही रहती है।