गाओकाओ चीन की राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा है। इसके जरिए छात्रों को देश के बड़े विश्वविद्यालयों में दाखिला मिलता है। इसे चीन का सबसे महत्वपूर्ण एग्जाम माना जाता है।
गाओकाओ परीक्षा के प्रश्नपत्रों की सुरक्षा किसी सैन्य अभियान से कम नहीं होती। कहा जाता है कि इस परीक्षा के प्रश्नपत्रों को तैयार करने वाले विशेषज्ञों को कई दिनों तक एक सुरक्षित परिसर जैसे मिलिट्री कैंप में रखा जाता है, जहां बाहरी दुनिया से उनका संपर्क पूरी तरह खत्म कर दिया जाता है।
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो कई बार गाओकाओ एग्जाम के लिए क्वेश्चन पेपर जेल में बनाए जाते हैं, क्योंकि वहां मोबाइल फोन, इंटरनेट और बाहरी संपर्क पर पूरी तरह रोक रहती है।
प्रश्नपत्र तैयार होने के बाद इसे विशेष सुरक्षा बॉक्स में सील किया जाता है। इस बॉक्स को केवल संबंधित अधिकारी ही खोल सकते हैं। हर गतिविधि पर कैमरों से नजर रखी जाती है और सुरक्षा एजेंसियां लगातार मॉनिटरिंग करती हैं।
इसके अलावा परीक्षा केंद्रों पर ड्रोन से निगरानी की जाती है ताकि किसी भी तरह की नकल या संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा सके।
इसके अलावा फेस रिकग्निशन कैमरे, मेटल डिटेक्टर और जैमर मशीनों का भी उपयोग किया जाता है।
बता दें चीन में परीक्षा से जुड़ी जानकारी लीक करना बड़ा अपराध माना जाता है। ऐसे में व्यक्ति को तुरंत जेल में डाल दिया जाता है। यही वजह है कि परीक्षा से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी पूरी सावधानी बरतते हैं।