माफियाओं का काल है ये गोल्ड मेडलिस्ट SDM, बीटेक के बाद बिना कोचिंग PCS में टॉप
UPPSC PCS Topper Disha Srivastava Motivational Success story: जब भी उत्तर प्रदेश के धाकड़ एसडीएम की बात की जाती है तो दिशा श्रीवास्तव का नाम टॉप के अधिकारियों में शामिल किया जाता है। वह माफियाओं का काल हैं। उत्तर प्रदेश राज्य प्रशासनिक सेवा (UPPSC PCS Exam) को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं की सूची में रखा जाता है। इसको क्रैक करने में कई छात्रों को सालों लग जाते हैं वहीं, कई युवा इसे पहली बार में पास कर इतिहास रच देते हैं लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शहर गोरखपुर की बेटी दिशा श्रीवास्तव से जिन्होंने बिना किसी कोचिंग के पहले प्रयास में इस परीक्षा को क्रैक किया और एसडीएम बनने का सपना पूरा किया।
यूपी पीसीएस मेंस रिजल्ट
त्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने PCS मुख्य परीक्षा 2024 का रिजल्ट घोषित कर दिया है। PCS मेंस की लिखित परीक्षा 29 जून 2025 से 2 जुलाई 2025 तक प्रयागराज और लखनऊ के परीक्षा केंद्रों पर आयोजित हुई थी। आयोग ने 2719 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए सफल घोषित किया है।
दिशा श्रीवास्तव ने रचा था इतिहास
उत्तर प्रदेश राज्य प्रशासनिक सेवा (UPPSC PCS Exam) को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं की सूची में रखा जाता है। इसको क्रैक करने में कई छात्रों को सालों लग जाते हैं वहीं, कई युवा इसे पहली बार में पास कर इतिहास रच देते हैं लेकिन दिशा श्रीवास्तव से जिन्होंने बिना किसी कोचिंग के पहले प्रयास में इस परीक्षा को क्रैक किया और एसडीएम बनने का सपना पूरा किया।
उत्तर प्रदेश के धाकड़ एसडीएम
जब भी उत्तर प्रदेश के धाकड़ एसडीएम की बात की जाती है तो दिशा श्रीवास्तव का नाम टॉप के अधिकारियों में शामिल किया जाता है। वह माफियाओं का काल हैं।
बीटेक में गोल्ड मेडलिस्ट
दिशा श्रीवास्तव गोरखपुर की रहने वाली हैं। उनकी शुरुआती पढ़ाई लिखाई गोरखपुर से ही हुई है। दिशा बचपन से ही पढ़ने में काफी होशियार थी। गोरखपुर से स्कूलिंग के बाद उन्होंने रामस्वरूप मेमोरियल कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट से सिविल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। यहां वह गोल्ड मेडलिस्ट रही थी।
2020 में बनीं अधिकारी
दिशा श्रीवास्तव ने पहली बार 2020 की UP PCS परीक्षा दी और उन्हें 21वीं रैंक प्राप्त हुई। इसके बाद उनका चयन एसडीएम पद के लिए हुआ। 2020 में दिशा की पोस्टिंग ट्रेनिंग के बाद अयोध्या में हुई। 2022 में उनका ट्रांसफर लालगंज आजमगढ़ में हो गया। सितंबर 2023 में उन्हें आजमगढ़ ज्यूडिशियल में भेज दिया गया। 6 महीने ड्यूटी के बाद उनका ट्रांसफर देवरिया जिले में SDM पद पर हुआ।
कब हुई थी चर्चा
कुछ माह पहले एसडीएम दिशा श्रीवास्तव की ऑपरेशन कब्जा मुक्ति अभियान के तहत अतिक्रमण हटाते हुए ट्रैक्टर चलाते हुए एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। अतिक्रमण हटाने के लिए जब ट्रैक्टर ड्राइवर डर रहा था तो महिला एसडीएम ने खुद स्टेयरिंग संभाल ली थी।
लाखों का प्लेसमेंट छोड़ सिविल सेवा की तैयारी
इंजीनियरिंग के दौरान दिशा ने तय कर लिया था कि उन्हें सिविल सेवा में जाना है। इसलिए उन्होंने कॉलेज द्वारा आयोजित प्लेसमेंट में हिस्सा नहीं लिया। कैंपस प्लेसमेंट में अच्छी सैलरी का ऑफर छोड़कर दिशा पीसीएस की तैयारी में लग गईं। दिशा श्रीवास्तव ने यूपी पीसीएस की तैयारी के लिए कभी कोई कोचिंग नहीं की। वो घर पर ही पढ़ाई करती थी। अपनी तैयारी को बेहतर करने के लिए उन्होंने सोशल मीडिया से भी दूरी बना ली थी।
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