जीवन के लिए ऑक्सीजन और ऑक्सीजन के लिए पेड़-पौधों का होना अनिवार्य है। आमतौर पर किसी भी देश या महाद्वीप की कल्पना हरियाली के बिना अधूरी मानी जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में एक ऐसा महाद्वीप भी है, जहां एक भी पेड़ नहीं पाया जाता? यह हमारी सामान्य कल्पना से बिल्कुल अलग है। आइए, इस अनोखे और वृक्षविहीन महाद्वीप के बारे में विस्तार से जानते हैं और समझते हैं कि यहां की भौगोलिक स्थितियां वनस्पतियों के अनुकूल क्यों नहीं हैं।
दुनिया में सात (7) महाद्वीप हैं। जिसमें से एक महाद्वीप सबसे अलग है, क्योंकि इस महाद्वीप पर एक भी पेड नहीं है।
एशिया, अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, अंटार्कटिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया में से जिस महाद्वीप पर एक भी पेड़ नहीं है वह है 'अंटार्कटिका'। इस पूरे महाद्वीप पर एक भी पेड नहीं है।
अब सवाल यह उठता है कि अगर यहां एक भी पेड नहीं है तो अंटार्कटिका को ऑक्सीजन कहां से मिलता है। भले ही यहां पेड़-पौधे नहीं है, लेकिन महासागर और हवाओं के प्रवाह से यहां ऑक्सीजन बना रहता है।
अंटार्कटिका के आसपास समुद्र में फाइटोप्लांकटन (सूक्ष्म समुद्री पौधे) और शैवाल अधिक हैं। यह प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) के जरिए ऑक्सीजन पैदा करते हैं।
अंटार्कटिका में जमा देने वाली ठंड, तेज हवाएं, कम वर्षा जैसी कठोर मौसमी परिस्थितियों के कारण यहां पेड़ पनप नहीं पा रहे हैं। यह उनके बढ़ने और जीवित रहने के लिए बहुत मुश्किल है। यहां साल के अधिकांश दिन तापमान शून्य डिग्री रहता है, जिसके कारण पौधों की जड़े जमी नहीं पाती और वह पेड़ नहीं बन पाते।
बहुत ठंड होने के कारण यहां कम जीव-जंतु है। हालांकि इस महाद्वीप पर काई, लाइकेन, शैवाल और कई फूल पौधे मिलते हैं, जो ठंड में पनप सकते हैं।