जेईई एडवांस्ड टॉपर आरोही देशपांडे की एक टेक्नीक, जो उन्होंने परीक्षा में अपनाई थी, हर छात्र को जरूर पता होनी चाहिए। ये वही टेक्नीक है, जिसने उन्हें टॉपर बनाने में अहम भूमिका निभाई।
JEE Advanced महिला उम्मीदवारों की बात करें तो आरोही देशपांडे ने महिला कैटेगरी में शीर्ष स्थान हासिल किया। उन्हें 360 मार्क्स में से 280 मार्क्स हासिल हुए। उन्होंने CRL 77 हासिल किया, जिससे वे महिला कैटेगरी में टॉपर बन गईं।
आरोही ने अपनी जेईई एडवांस्ड की तैयारी कोटा से की। उन्होंने टेस्ट सीरीज, रोजाना प्रैक्टिस और रिवीजन से अपनी तैयारी को बेहद स्ट्रॉन्ग किया।
आरोही ने अपनी तैयारी वीकेंड में भी बरकरार रखी। अगर कोई सब्जेक्ट सप्ताह के दिनों में नहीं कवर हो पाता था तो वे वीकेंड पर समय निकालती थीं।
आरोही के स्टडी प्लान में नोट्स तैयार करने से लेकर कलर कोडिंग का इस्तेमाल तक शामिल था। उन्होंने जिस सब्जेक्ट के नोट्स तैयार किए, उसमें कलर कोडिंग भी शामिल था। कलर कोडिंग टेक्नीक ने उन्हें टॉपर बनाने में काफी अहम भूमिका निभाई।
कलर कोडिंग टेक्नीक में वे जरूरी फॉर्मूला, कई सारे फैक्ट्स और अवधारणाओं को अलग-अलग रंग से लिखती थीं। ये टेक्नीक उन्हें जरूरी बिंदुओं को याद रखने में मदद करती थी।
कलर कोडिंग टेक्नीक एक ऐसी व्यवस्था है, जिसमें अलग-अलग सूचनाओं, कैटेगरी या फिर किसी चीज को अलग रंग से पहचाना और व्यवस्थित किया जाता है। ये बिना शब्दों के ही जानकारी को तेजी से समझने, याद रखने का एक शानदार तरीका है।