स्कूल टीचर पिता की IAS बेटी, UPSC में हिंदी मीडियम से टॉप कर रचा इतिहास

IAS Kritika Mishra Motivational Inspirational story: बिहार सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए 23 भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों का तबादला और पदस्थापन किया है। इस लिस्ट में आईएएस अधिकारी कृतिका मिश्रा का नाम भी है। कृतिका मिश्रा को गोगरी से पटना सदर अनुमंडल पदाधिकारी बनाया गया है। उत्तर प्रदेश के कानपुर की रहने वाली कृतिका मिश्रा ने हिंदी मीडिया से यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2022 में टॉप किया था। यह उनका दूसरा अटेंप्ट था जिसमें उन्हें सफलता मिली थी।

बिहार में आईएएस तबादले
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बिहार में आईएएस तबादले

बिहार सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए 23 भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों का तबादला और पदस्थापन किया है। इस लिस्ट में आईएएस अधिकारी कृतिका मिश्रा का नाम भी है।

कृतिका मिश्रा को नई जिम्मेदारी
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कृतिका मिश्रा को नई जिम्मेदारी

कृतिका मिश्रा को गोगरी से पटना सदर अनुमंडल पदाधिकारी बनाया गया है। उत्तर प्रदेश के कानपुर की रहने वाली कृतिका मिश्रा ने हिंदी मीडिया से यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2022 में टॉप किया था। यह उनका दूसरा अटेंप्ट था जिसमें उन्हें सफलता मिली थी।

कानपुर यूनिवर्सिटी के कॉलेज से ग्रेजुएशन
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कानपुर यूनिवर्सिटी के कॉलेज से ग्रेजुएशन

कृतिका मिश्रा ने कानपुर यूनिवर्सिटी के पंडित पृथ्वी नाथ कॉलेज से हिंदी साहित्य में ग्रेजुएशन किया। परिवार में साहित्य का असर रहा। नाना डॉ. ओम प्रकाश शुक्ला बृज-अवधी में लेखन करते हैं, तो मां सुषमा मिश्रा को भी हिंदी साहित्य से गहरा लगाव है।

हिंदी माध्यम से यूपीएससी टॉपर
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हिंदी माध्यम से यूपीएससी टॉपर

राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित कृतिका की यह कहानी हिंदी माध्यम से संघर्ष की मिसाल है। 2023 की यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में अपने दूसरे प्रयास में एआईआर 66 हासिल कर उन्होंने पूरे हिंदी माध्यम के अभ्यर्थियों का मान बढ़ाया।पहले प्रयास में उन्होंने यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा और मेंस यानी मुख्य परीक्षा दोनों ही क्लियर कर लिया था, लेकिन इंटरव्यू क्लियर नहीं हुआ था।

पिता हैं टीचर
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पिता हैं टीचर

कृतिका के पिता दिवाकर मिश्रा बिशंभर नाथ सनातन धर्म इंटर कॉलेज, चुन्नीगंज, कानपुर में लेक्चरर हैं, जबकि छोटी बहन मुदिता मिश्रा हिंदी साहित्य में पीएचडी कर रही हैं। वहीं उनकी मां एलआईसी में काम करती हैं।

क्यों चुना आईएएस बनना
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क्यों चुना आईएएस बनना

कृतिका कहती हैं, 'आईएएस बनने का ख्याल ग्रेजुएशन के बाद आया। स्वामी विवेकानंद और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम मेरे आदर्श हैं। मैं समाज में बदलाव लाना चाहती थी, और सिविल सेवा ही वह मंच था जो मुझे यह मौका देता।"​

बिना कोचिंग आईएएस
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बिना कोचिंग आईएएस

कृतिका मिश्रा ने बिना किसी कोचिंग के, सिर्फ यूट्यूब और किताबों के सहारे उन्होंने यह मुकाम हासिल किया। कृतिका ने 12वीं से लेकर ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई आर्ट्स स्ट्रीम से की है।

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