What is Coldwave: क्या होती है शीतलहर? जानें कब और क्यों घोषित होती है 'कोल्ड वेव
What is Coldwave: उत्तर भारत में इस समय कड़ाके की ठंड और शीतलहर (Cold Wave) का कहर जारी है। दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे मैदानी इलाकों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित है। सर्द हवाओं के कारण मौसम में कनकनी बनी हुई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौसम विभाग (IMD) ने अलग-अलग क्षेत्रों के लिए येलो, ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किए हैं। सर्दी के कारण लोग अपने-अपने घरों में दुबके हुए हैं और ठंड से बचने के लिए सारे जतन कर रहे हैं।
कड़कड़ाती इस ठंड से बचने के लिए लोग आवश्यक सारे जतन कर रहे हैं और कम के कम बाहर जा रहे हैं। इस बीच यहां समझने वाली बात यह है कि शीतलहर होती है क्या है? इसका तापमान से क्या संबंध है? शीतलहर किस स्थिति कब बनती है? किन परिस्थियों में इसकी घोषणा की जाती है? आइए आपको इन सभी सवालों का जवाब बताएं-
शीतलहर किसे कहते हैं? (What is Coldwave)
शीतलहर मौसम की खास तरह की परिस्थिति है। इस दौरान 24 घंटे के भीतर तापमान सामान्य की तुलना में तेजी से नीचे गिर जाता है, जिससे कंपकंपा देने वाली ठंड का अहसास बढ़ जाता है, जिसे शीतलहर कहा जाता है।
किन कारणों से चलती है शीतलहर?
शीतलहर चलने के पीछे मुख्य कारण पहाड़ों पर बर्फबारी, पश्चिमी विक्षोभ, साफ आसमान और शुष्क हवा और ला नीना भी भारत में तीव्र शीतलहर का कारण बनती है।
मैदानी इलाकों में शीतलहर की स्थिति
मैदानी इलाकों में यदि न्यूनतम तापमान न्यूनतम तापमान 4 डिग्री या उससे कम हो जाता है, तो वहां शीतलहर स्थिति उत्पन्न होती है और मौसम विभाग द्वारा शीतलहर की घोषणा की जाती है।
गंभीर शीतलहर कब चलती है? (Severe Cold Wave)
किसी भी स्थान पर जब न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री से भी अधिक गिर जाता है या न्यूनतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाए, तो इस स्थिति को 'गंभीर शीतलहर' कहा जाता है।
पहाड़ी इलाकों में शीतलहर के मानक क्या है?
पहाड़ी क्षेत्रों में शीतलहर को घोषणा तब की जाती है, जब यहां न्यूनतम तापमान यदि 0 या उससे नीचे यानी माइनस में चला जाता है।
शीतलहर की घोषणा
शीतलहर की घोषणा तब भी की जाती है जब उत्तर-पश्चिम की ठंडी और शुष्क हवाएं (जैसे मध्य एशिया या हिमालय से आने वाली हवाएं) भारत के मैदानी हिस्सों में तेजी से प्रवेश करती हैं।
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