उत्तर प्रदेश में बिजली उत्पादन के कई स्रोत मौजूद हैं, लेकिन जब बात परमाणु ऊर्जा की आती है तो राज्य में केवल एक ही न्यूक्लियर पावर प्लांट संचालित है।
क्या आप जानते हैं कि उत्तर प्रदेश का इकलौता परमाणु ऊर्जा संयंत्र (एटॉमिक पावर प्लांट) किस जिले में कहां स्थित है। सामान्य ज्ञान का यह सवाल अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछ लिया जाता है।
उत्तर प्रदेश में बिजली उत्पादन के कई स्रोत मौजूद हैं, लेकिन जब बात परमाणु ऊर्जा की आती है तो राज्य में केवल एक ही न्यूक्लियर पावर प्लांट संचालित है। यह प्लांट जिले के नरौरा में है जो बुलंदशहर जिले में गंगा नदी के किनारे स्थापित किया गया है।
नरौरा परमाणु ऊर्जा स्टेशन की स्थापना का कार्य 1970 के दशक के अंत में शुरू हुआ था। इसका पहला यूनिट वर्ष 1989 में और दूसरा यूनिट 1991 में चालू किया गया। इस परियोजना का संचालन Nuclear Power Corporation of India Limited (NPCIL) द्वारा किया जाता है, जो देश में परमाणु ऊर्जा उत्पादन की प्रमुख संस्था है।
सुरक्षा के लिहाज से भी नरौरा परमाणु संयंत्र को उच्च मानकों पर विकसित किया गया है। यहां मल्टी-लेयर सुरक्षा प्रणाली, नियमित निरीक्षण और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रोटोकॉल का पालन किया जाता है। (फोटो: प्रतीकात्मक)
इस पावर प्लांट में दो रिएक्टर (Unit-1 और Unit-2) हैं, जिनमें से प्रत्येक की उत्पादन क्षमता 220 मेगावाट है। इस तरह नरौरा न्यूक्लियर पावर प्लांट की कुल स्थापित क्षमता 440 मेगावाट है। (फोटो: सांकेतिक)
यह बिजली उत्पादन मुख्य रूप से प्रेसराइज्ड हेवी वाटर रिएक्टर (PHWR) तकनीक पर आधारित है, जो भारत में विकसित और उपयोग की जाने वाली प्रमुख परमाणु तकनीकों में से एक है।