भारत में ज्यादातर लोग डॉक्टर-इंजीनियर बनने का सपना देखते हैं। इनमें से एक बड़ी संख्या में लोग सिर्फ इसलिए अपने सपने को पूरा करने की कोशिश नहीं करते हैं, क्योंकि डॉक्टर-इंजीनियर की तैयारी के लिए कोचिंग लगती है, जिसकी फीस सबके बस की बात नहीं। इस चक्कर में न जानें कितने काबिल लोग डॉक्टर-इंजीनियर बनने से वंचित रह जाते हैं।
इसी कमी को पूरा करने के लिए बिहार के स्टूडेंट्स के लिए करियर बनाने के दरवाजे खोल दिए गए हैं। बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने इंजीनियरिंग और मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए दो साल की फ्री कोचिंग स्कीम शुरू की है।
यह कोचिंग 2026 से 2028 तक चलेगी, जिसमें छात्रों को पढ़ाई से लेकर गाइडेंस तक सभी सुविधाएं मिलेंगी। बोर्ड ने कहा कि इसका उद्देश्य टैलेंटेड छात्रों को बड़े इंस्टीट्यूशन जैसी तैयारी कराना है, और यह पूरी तरह से निशुल्क होगी।
बोर्ड ने बिहार के 9 डिविजनल जिलों में यह स्कीम शुरू करने का फैसला किया है, जिनमें पटना, मुजफ्फरपुर, छपरा, दरभंगा, सहरसा, पूर्णिया, भागलपुर, गया और मुंगेर शामिल हैं। इन सभी जिलों के सरकारी स्कूलों में स्पेशल कोचिंग क्लास चलाई जाएंगी, जहां स्टूडेंट्स को मॉडर्न सुविधाओं से लैस क्लासरूम में पढ़ाया जाएगा।
इस स्कीम का मकसद बिहार के टैलेंटेड स्टूडेंट्स को बेहतर गाइडेंस देना है। बोर्ड ने कहा कि एजुकेशन की क्वालिटी से कोई कॉम्प्रोमाइज नहीं किया जाएगा। इसलिए, कोचिंग सेंटर्स में वही टीचर्स पढ़ाएंगे जो पहले बड़े और जाने-माने कोचिंग इंस्टिट्यूशन्स में काम कर चुके हैं।
जो स्टूडेंट्स 2026 में 10वीं क्लास की परीक्षा देने वाले हैं, वे इस स्कीम के लिए अप्लाई कर सकते हैं। BSEB, CBSE, ICSE, या किसी दूसरे मान्यता प्राप्त बोर्ड के स्टूडेंट्स एलिजिबल हैं। बस एक ही शर्त है कि 10वीं क्लास पूरी करने के बाद, उन्हें बिहार बोर्ड से जुड़े +2 स्कूल में एडमिशन लेना होगा। इसका मतलब है कि यह स्कीम सिर्फ बिहार बोर्ड के स्टूडेंट्स के लिए नहीं है।
इस कोचिंग में एडमिशन के लिए आवेदन करने के लिए coaching.biharboardonline.com/index पर जाना होगा। होमपेज पर आवासीय या गैर-आवासीय जिस कोचिंग के लिए अप्लाई करना हो उस लिंक पर क्लिक करें। सही से फॉर्म सबमिट करें। किसी तरह की फीस नहीं लगेगी। फाइनल सबमिट करने के बाद फॉर्म का प्रिंटआउट निकालकर अपने पास रख लें। आवेदन की अंतिम तिथि 30 नवंबर है।