नमक भारतीय रसोई का आवश्यक हिस्सा होने के साथ-साथ भारत की स्वतंत्रता के गौरवशाली इतिहास का प्रतीक भी है। 12 मार्च 1930 को महात्मा गांधी ने साबरमती आश्रम से दांडी तक की ऐतिहासिक 24 दिवसीय 'नमक यात्रा' (Salt March) शुरू की थी, जो ब्रिटिश नमक कानून के खिलाफ एक सशक्त अहिंसक विरोध था। इस आंदोलन ने न केवल देश की स्वतंत्रता की राह बदली, बल्कि भारतीय संविधान में भी इसे एक विशिष्ट स्थान मिला। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए नमक के भौगोलिक और संवैधानिक पहलुओं को समझना बेहद जरूरी है। सवाल उठता है कि भारत में नमक कहां से आता है? भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची में नमक का क्या रोल है?
दुनिया में नमक के सबसे बड़े उत्पादक देशों में टॉप 2 स्थानों पर अपना कब्जा क्रमशः चीन और अमेरिका ने जमाया हुआ है। इन दोनों में देशों में नमक का सबसे अधिक मात्रा में उत्पादन किया जाता है।
दुनिया में सबसे अधिक नमक उत्पादन के मामले में भारत तीसरा सबसे बड़ा देश है। चीन और अमेरिका के बाद भारत दुनिया का सबसे बड़ा नमक उत्पादक देश है। भारत की वार्षिक नमक उत्पादन क्षमता 3 करोड़ मीट्रिक टन से अधिक है।
देश में गुजरात (87.4%), तमिलनाडु (4.7%) और राजस्थान (6.7%) तीन ऐसे राज्य हैं, जो नमक उत्पादन के मामले में अव्वल हैं। यहां से नमक उत्पादन का 98 प्रतिशत हिस्सा आता है। इसमें सबसे अधिक नमक का उत्पादन गुजरात में होता है। 1.2 प्रतिशत नमक उत्पादन में आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, उड़ीसा, पश्चिमी बंगाल, गोवा, हिमाचल प्रदेश और दीव और दमन शामिल है।
जैसा की आपको पता है कि भारत नमक उत्पादन में तीसरे स्थान पर। वह साधारण नमक के उत्पादन मे आत्मनिर्भर है, लेकिन सेंधा नमक देश में आयात किया जाता है। लाहौरी नमक, गुलाबी नमक, हिमालयी नमक और हैलाइट नमक के नाम से जाने जाने वाले सेंधा नमक का आयात पाकिस्तान, संयुक्त अरब अमीरात, ईरान, मलेशिया, अफगानिस्तान, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया और तुर्की से किया जाता है।
हम सभी जानते हैं कि नमक समुद्र से आता है। लेकिन इसके अलावा नमक का उत्पादन कई अन्य स्रोतों से भी किया जाता है। जैसे राजस्थान की खारी झीलों से झील का खारा पानी। कच्छ के रण में उपमृदा खारा जल। इसके साथ हिमाचल प्रदेश के मंडी में सेंधा नमक का भंडार है।
बहुत कम लोग जानते हैं कि खाने में इस्तेमाल होने वाला नमक भारतीय संविधान का एक केंद्रीय विषय है। जी हां, नमक संविधान की सातवीं अनुसूची की संघ सूची में मद संख्या 58 के रूप में आता है। इसमें संघ एजेंसियों या अन्य एजेंसियों द्वारा नमक का निर्माण, आपूर्ति-वितरण, विनियमन और नियंत्रण करने का पूरा अधिकार केंद्र सरकार के पास है।