12.75 KM लंबा, 360 पिलर, 6 लेन चौड़ा; खुलने वाला है भारत का सबसे लंबा फ्लाईओवर

Bharat Ka Babse Lamba Flyover: भारत के सबसे लंबे फ्लाईओवर में सफर करने का सपना मई 2026 तक पूरा हो सकता है। केरल के अलाप्पुझा जिले में 2200 करोड़ रुपये से निर्माणाधीन 6 लेन अरूर-थुरावूर एलिविटेड हाईवे फ्लाईओवर (Aroor Thuravoor Flyover) हैदराबाद के 11.6 किमी. लंबे पीवी नरसिम्हा राव एक्सप्रेसवे फ्लाईवे (PV Narasimha Rao Expressway Flyway) को पीछे छोड़कर देश के सबसे लंबे फ्लाईओवर के रूप में गिना जाएगा। इसके निर्माण से 100 की रफ्तार से वाहन चालक एक सांस में बिना रुके मिनटों में शहर को क्रॉस कर जाएंगे।

Authored by: Pushpendra KumarUpdated Feb 12 2026, 09:32 IST
फ्लाईओवर क्यों हैं जरूरी01 / 07

फ्लाईओवर क्यों हैं जरूरी

शहरों को जाम से निजात दिलाने और यातायात को गति देने के उद्देश्य से फ्लाईओवर काफी कारगर साबित हुए हैं। हालांकि, ये सुविधाएं बड़े शहरों के लिए काफी अहम मानी जा रही हैं। वर्तमान में देश के अधिकांश शहरों में ट्रैफिक नियंत्रण और वाहनों को रफ्तार समेत शहर में भीड़भाड़ कम करने के लिए कई अहम परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है, जिसमें से एक भारत का अबतक का सबसे लंबा फ्लाईओवर भी शामिल है। आइये जानते हैं ये प्रोजेक्ट कब तक पूरा होगा?

शहरों के लिए कारगर हैं फ्लाईओवरImage Credit : Istock02 / 07

शहरों के लिए कारगर हैं फ्लाईओवर

देश में कई फ्लाईओवर निर्माणाधीन हैं और कई प्रस्तावित हैं। पहले ये परियोजनाएं महानगरों और घनी आबादी वाले शहरों के लिए धरातल पर उतारी गईं, लेकिन अब धीरे-धीरे शहरों की बढ़ती जनसंख्या और वाहनों की संख्या में हो रहे इजाफे के बाद छोटे शहरों के लिए भी निर्धारित की जा रही हैं। दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, भोपाल, कानपुर, बेंगलुरु, हैदराबाद और गोरखपुर समेत कई शहरों में फ्लाईओवर ने यातायात के क्षेत्र में बड़ी सहूलियत पेश की है।

चेन्नई में सबसे ज्यादा फ्लाईओवरImage Credit : Istock03 / 07

चेन्नई में सबसे ज्यादा फ्लाईओवर

वैसे तमिलनाडु के चेन्नई में सबसे अधिक 61 फ्लाईओवर निर्मित कर शहर को जाम मुक्त रखने की दिशा में बड़े कारगर साबित हुए हैं। लेकिन केरल में भारत का सबसे लंबा फ्लाईओवर निर्माणाधीन है। जानकारी के मुताबिक, नेशनल हाईवे-66 पर अरूर-थुरावूर एलिविटेड हाईवे का निर्माण किया जा रहा है, जो देश का सबसे लंबे फ्लाईओवर में गिना जाएगा।

​अरूर-थुरावूर एलिविटेड हाईवे फ्लाईओवर सबसे लंबा​Image Credit : Istock04 / 07

​अरूर-थुरावूर एलिविटेड हाईवे फ्लाईओवर सबसे लंबा​

अरूर-थुरावूर एलिविटेड हाईवे (फ्लाईओवर) की लंबाई 12.75 किलोमीटर है, जो 6 लेन चौड़ा बनाया जा रहा है। इस परियोजना को नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) बना रही है। इस प्रोजेक्ट को विकसित करने के लिए 2200 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। फ्लाईओवर का ज्यादातर कार्य पूरा होने की दिशा में है। कयास लगाए जा रहे हैं कि मई 2026 तक ट्रैफिक के लिए खोल दिया जाएगा।

तमिलनाडु-कर्नाटक तक होगी कनेक्टिविटीImage Credit : Istock05 / 07

तमिलनाडु-कर्नाटक तक होगी कनेक्टिविटी

इस परियोजना से तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच कनेक्टिविटी आसान होगी। इस फ्लाईओवर से केरल के रोड इंफ्रास्ट्रक्चर में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है। खासकर, NH-66 पर कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा और फ्लाईओवर देश के सबसे लंबे फ्लाईओवर होने का रिकॉर्ड भी कायम करेगा।

 भारत का सबसे लंबा अरूर-थुरावूर एलिविटेड हाईवे​Image Credit : Istock06 / 07

भारत का सबसे लंबा अरूर-थुरावूर एलिविटेड हाईवे​

अरूर-थुरावूर एलिविटेड हाईवे (फ्लाईओवर) के साथ नीचे 4 लेन की सर्विस रोड है, जिससे ऊपर और नीचे मिलाकर कुल 10 लेन की सड़क का लाभ मिलेगा। जब इसका कार्य कंपलीट होगा तो यह हैदराबाद के 11.6 किमी. लंबे पीवी नरसिम्हा राव एक्सप्रेसवे फ्लाईवे को पीछे छोड़कर देश का सबसे लंबा फ्लाईओवर बन जाएगा। इस फ्लाईओवर को मजबूती देने के लिए 360 पिलर और 3000 हजार गर्डर इस्तेमाल किए गए हैं।

कब खुलेगा अरूर-थुरावूर फ्लाईओवर​Image Credit : Istock07 / 07

कब खुलेगा अरूर-थुरावूर फ्लाईओवर​

अरूर-थुरावूर एलिविटेड हाईवे (फ्लाईओवर) को बनाने में 24 घंटे कार्य किया जा रहा है। इसके लिए बड़ी संख्या में मशीनरी और मजदूरों के साथ इंजीनियर्स लगे हुए हैं। इस एलिवेटेड हाईवे से शहर को बिना किसी रुकावट के पार किया जा सकेगा। इससे यात्रियों का काफी समय बचेगा। हालांकि, वाहन चालकों को 6 लेन एलिवेडेट मार्ग से गुजरने के लिए अलग से टोल टैक्स चुकाना होगा। कहा जा रहा है कि यह देश का सबसे लंबा सिंगल पिलर वाला हाईवे है।

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