दिल्ली मेट्रो भारत का सबसे बड़ा और लंबे मेट्रो नेटवर्क के तौर पर जाना जाता है। सबसे व्यस्ततम मेट्रो की श्रेणी में भी टॉप पर है। साल 2002 दिसंबर में शाहदरा-तीस हजारी कोर्ट के बीच शुरू हुई सेवा ने आज बड़ा कीर्तिमान बना दिया है। दिल्ली-एनसीआर के शहरों के बीच फैले नेटवर्क में करीब 12 कलर कोडेट लाइनें शामिल हैं, जिनमें दिनभर 285 से अधिक मेट्रो ट्रेनें अनुमानित 50 लाख से अधिक यात्रियों का सफर आसान करती हैं। हालांकि, अभी चौथे चरण के मेट्रो रूटों पर कार्य चल रहा है। इसी बीच सरकार ने 5वें चरण में 3 नए कॉरिडोर के विस्तार को मंजूरी दी है। आइये जानते हैं नए कॉरिडोर के तहत किन इलाकों को सहूलियत मिलेगी और नए स्टेशनों के क्या नाम होंगे?
दिल्ली सेंट्रल विस्टा को जोड़ने वाले एक महत्वपूर्ण कॉरिडोर सहित दिल्ली मेट्रो परियोजना के पांचवे चरण को मंजूरी दे दी गई। 12,014.91 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना का पांचवां चरण सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करेगा। स्वयं दिल्ली सरकार परियोजना की लागत का 2,940.46 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
फिलहाल, जिन तीन कॉरिडोर को मंजूरी दी गई है, उनमें आरके आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ (सेंट्रल विस्टा होते हुए), तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज और एयरोसिटी से इंदिरा गांधी टर्मिनल-1शामिल हैं। इसके विस्तार से बड़ी राहत मिलेगी। तीनों रूटों प्रस्तावित 13 स्टेशनों में से 10 भूमिगत और तीन एलिवेटेड होंगे। आरके आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ तक 9.91 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर में नौ स्टेशन होंगे और यह लाइन सेंट्रल विस्टा क्षेत्र से होकर गुजरेगी। यह कॉरिडोर कर्तव्य भवन परिसर सहित प्रमुख प्रशासनिक व सांस्कृतिक स्थलों को जोड़ेगा और इससे अनुमानित 60,000 सरकारी कर्मचारियों और रोजाना लगभग दो लाख यात्रियों को लाभ होगा।
इस नई परियोजना से आरके आश्रम मार्ग (निर्माणाधीन), शिवाजी स्टेडियम, केंद्रीय सचिवालय, सीसीएस भवन, इंडिया गेट, युद्ध स्मारक-हाईकोर्ट, बड़ौदा हाउस, भारत मंडपम और इंद्रप्रस्थ शामिल हैं। इस कॉरिडोर की अनुमानित लागत 9,570.40 करोड़ रुपये है, जिसमें से 2,337.24 करोड़ रुपये दिल्ली सरकार लगाएगी।
पांचवे चरण में एयरोसिटी से इंदिरा गांधी हवाई अड्डा टर्मिनल-1 तक 2.26 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर में एक स्टेशन शामिल होगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत 1,419.64 करोड़ रुपये है, जिसमें से 351.86 करोड़ रुपये दिल्ली सरकार की ओर से दिए जाएंगे।
पांचवे चरण में तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक 3.9 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर में तीन स्टेशन होंगे और इससे दक्षिण और दक्षिण-पूर्वी दिल्ली की कनेक्टिविटी में सुधार होगा। इस खंड की अनुमानित लागत 1,024.87 करोड़ रुपये है, जिसमें दिल्ली सरकार 251.36 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
दिल्ली मेट्रो के चौथे चरण के तहत 6 कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें 44 से अधिक मेट्रो स्टेशन होंगे। इनमें हरियाणा में सोनीपत के नाथूपुर से दिल्ली में रिठाला (दिल्ली) मेट्रो को कनेक्ट करेगा। साल 2028 तक इन दोनों शहरों के बीच मेट्रो कॉरिडोर तैयार होने के बाद सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी। चौथे चरण में गोल्डन लाइन (एयरोसिटी-तुगलकाबाद), मैजेंटा लाइन एक्सटेंशन (जनकपुरी-पश्चिम-आरके आश्रम), पिंक लाइन एक्सटेंशन (मजलिस पार्क-मौजपुर), रिठाला-नरेला-कुंडली कॉरिडोर और ग्रीनलाइन एक्सटेंशन (इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ) इत्यादि शामिल हैं।