हवा में सिंग्नेचर ब्रिज...नीचे जमीन के अंदर फर्राटा भरेंगी गाड़ियां; NCR में बनने जा रहा 710 मी. लंबा अंडरपास
Parthala Underpass: नोएडा के पर्थला सिग्नेचर ब्रिज के नीचे से अंडरपास बनाने की दिशा में काम चल रहा है। जल्द ही परियोजना की डीपीआर तैयार कर ली जाएगी। 710 मीटर लंबे अंडरपास के पर्थला गोलचक्कर (सेक्टर-71) से किसान चौक की ओर आना-जाना आसान होगा।
एनसीआर में बनेगा अंडरपास
यदि आप एनसीआर में रह रहे हैं तो ये खबर आपके लिए है। क्योंकि नोएडा के पर्थला सिग्नेचर ब्रिज के नीचे से अंडरपास बनाने की कवायत तेज हो गई है। इस प्रोजेक्ट को गति देने के लिए नोएडा अथॉरिटी ने सीईओ डॉ. लोकेश एम के सामने प्रस्ताव रखने की तैयारी शुरू कर दी है। फिलहाल इस परियोजना की पीपीटी प्रेजेंटेशन तैयार की जा रही है। यह अंडरपास एफएनजी एक्सप्रेसवे पर छिजारसी से सोरखा की तरफ जाने वाले रास्ते पर निर्मित किया जाएगा। डिजाइन के आधार पर इसकी विस्तृत रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएगी, जिसके बाद बजट फाइनल होगा। (फोटो-Istock)
पर्थला गोलचक्कर से सीधे निकलेंगे किसान चौक
पर्थला सिग्नेचर पर्थला गोलचक्कर पर मौजूद है, जो सेक्टर-71 से किसान चौक की ओर आने-जाने के लिए बनाया गया है। अब इसके नीचे अंडरपास के निर्माण का प्लान बनाया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस अंडरपास का निर्माण एफएनजी एक्सप्रेसवे (फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद) के रास्ते पर किया जाएगा। फिलहाल, एफएनजी एक्सप्रेसवे पूरा शुरू नहीं होने के कारण ट्रैफिक कम है, लेकिन इसके पूरी तरह से बन जाने पर यहां सिग्नेचर ब्रिज के नीचे गोलचक्कर पर जाम लगने की संभावना है। लिहाजा, भविष्य को देखते हुए अंडरपास बनाया जाएगा। (फोटो-Istock)
710 मीटर लंबा होगा अंडरपास
मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से सीईओ डॉ. लोकेश एम ने जायजा लेते हुए अंडरपास बनाने की योजना तैयार करने के निर्देश दिए थे। लिहाजा अब प्राधिकरण ने अंडरपास बनाने का प्लान तैया कर लिया है। यह अंडरपास चार लेन का बनाया जाएगा, जिसकी लंबाई 710 मीटर की होगी। (फोटो-Istock)
अंडरपास से यहां जाना होगा आसान
अंडरपास के निर्माण से सिग्नेचर ब्रिज से किसान चौक जाने का रास्ता सुगम हो जाएगा। अंडरपास से सोरखा की तरफ बिसरख पर बने पुल से होकर ग्रेटर नोएडा वेस्ट की तरफ और मेरठ एक्सप्रेसवे की तरफ जाना आसान होगा। अंडरपास के जरिए फेज टू, सोरखा की तरफ से आकर छिजारसी के सामने से होकर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की तरफ आसानी से जा आवागमन किया जा सकेगा। फिलहाल, छिजारसी के सामने थोड़ी जाम की समस्या होने से वाहन चालकों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। (फोटो-Istock)
एफएनजी का कितना काम बाकी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एफएनजी प्रोजेक्ट नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद को कनेक्ट करेगा। हालांकि, इसका नोएडा सर्किल में करीब 60 से 70 प्रतिशत कार्य का हिस्सा पूरा कर लिया गया है, लेकिन फरीदाबाद की ओर कोई कार्य शुरू नहीं किया गया। इसका काम कंपलीट होने पर वाहनों की संख्या में बड़ा इजाफा होगा, जिसके लिए अंडरपास की जरूरत महसूस हो रही है। (फोटो-Istock)
एम्स-गुरुग्राम-महिलापाल एक्सप्रेसवे
उधर, एम्स से गुरुग्राम वाया महिलापाल एक्सप्रेसवे बनाने की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने की दिशा में काम चल रहा है। इसकी जिम्मेदारी आरसीटी नाम की कंपनी को सौंपा गया है। यदि अगले 2 महीने के अंदर रिपोर्ट तैयार हो जाती है तो फिर आगे का कार्य बढ़ेगा। रिपोर्ट्स के आने के बाद तय होगा कि कितना हिस्सा अंडरग्राउंड होगा और कितना एलिवेटेड होगा। इसके निर्माण से 25 से 30 मिनट में एम्स से गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड (Gurugram-Faridabad Road)पर पहुंच जाएंगे। एक्सप्रसेवे को गुरुग्राम में घाटा गांव के पार गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड से लिंक किया जाएगा। (फोटो-Istock)
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