इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन के गुजरात के अध्यक्ष नैनेश पच्चीगर ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में बताया कि 2025 में सोने और चांदी ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए, सोने और चांदी की कीमतों में मजबूती अभी भी बनी रह सकती है।
पच्चीगर ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें इस समय लगभग 4,300 डॉलर प्रति औंस हैं। उनका अनुमान है कि यह कीमत 5,000 डॉलर प्रति औंस तक जा सकती है। इसका मतलब है कि सोने में अभी भी लगभग 700 डॉलर प्रति औंस यानी 16 प्रतिशत तक की तेजी देखने को मिल सकती है।
चांदी के बारे में पच्चीगर ने कहा कि आने वाले समय में इसकी कीमत 85 डॉलर प्रति औंस तक जा सकती है। इस समय चांदी का भाव लगभग 70 डॉलर प्रति औंस है। इसका मतलब है कि इस साल चांदी में करीब 20 प्रतिशत तक और बढ़ोतरी संभव है। यह निवेशकों के लिए अच्छे अवसर का संकेत है।
2025 में सोने और चांदी की कीमतों में तेज वृद्धि का कारण वैश्विक अस्थिरता, अमेरिकी टैरिफ और विभिन्न देशों के बीच बढ़ते तनाव को माना जा रहा है। इन परिस्थितियों ने निवेशकों को सोने और चांदी जैसी सुरक्षित संपत्तियों की ओर आकर्षित किया। यही वजह है कि इस साल ये धातुएं निवेशकों के लिए लाभदायक साबित हुई हैं।
डायमंड मार्केट के बारे में पच्चीगर ने बताया कि वर्तमान में लैब में बने हीरों की मांग प्राकृतिक हीरों की तुलना में काफी अधिक है। इसका कारण यह है कि लैब में बने हीरे किफायती होते हैं और अधिक लोगों के लिए सुलभ हैं।
पच्चीगर ने आगे कहा कि आने वाले कुछ वर्षों तक लैब में बने हीरों की मांग बनी रह सकती है। क्योंकि ये हीरे किफायती और गुणवत्ता में अच्छे होते हैं, इसलिए लोग इन्हें पसंद कर रहे हैं। फिलहाल प्राकृतिक हीरों की मांग सीमित ही रहेगी।
हालांकि, पच्चीगर का मानना है कि तीन-चार साल बाद प्राकृतिक हीरों की मांग फिर से बढ़ सकती है। जैसे-जैसे लोगों की पसंद और खरीदी की क्षमता बढ़ेगी, प्राकृतिक हीरों की लोकप्रियता फिर से लौट सकती है।