भारत का ये शहर अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए बना दुनिया में सबसे सस्ता, 150 शहरों में पहला रैंक
Top Affordable City For International Students: दुनिया भर से पढ़ाई के लिए आने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्र-छात्राओं के लिए दिल्ली को सबसे किफायती शहर माना गया है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली ने वैश्विक स्तर पर पहला स्थान हासिल किया है। इसका मतलब यह है कि पढ़ाई और रहने के खर्च के मामले में दिल्ली दुनिया के अन्य बड़े शिक्षा केंद्रों की तुलना में सबसे सस्ती साबित हुई है। इसके लिए 150 शहरों का मूल्यांकन किया गया। जिसके बाद इस रैंकिंग में दिल्ली दुनिया में टॉप पर पहुंची।
रिपोर्ट किसने और क्यों तैयार की
न्यूज एजेंंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक यह रिपोर्ट नाइट फ्रैंक, डेलॉयट इंडिया और क्यूएस (QS) द्वारा मिलकर तैयार की गई है। रिपोर्ट का नाम है ‘इंडियाज 155 मिलियन स्टूडेंट मैंडेट’। इसे बुधवार (4 फरवरी 2026) को जारी किया गया। इस रिपोर्ट का उद्देश्य यह समझना है कि भारत और दुनिया के कौन-से शहर छात्रों के लिए सबसे बेहतर और किफायती हैं।
वैश्विक रैंकिंग में दिल्ली का पहला स्थान
रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली ने पूरी दुनिया में पहला स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि इस रैंकिंग में दुनिया के 150 प्रमुख शहरों को शामिल किया गया था। दिल्ली ने पढ़ाई, रहने और रोजगार जैसे कई अहम पहलुओं में बाकी शहरों को पीछे छोड़ दिया।
मुंबई और बेंगलुरु की स्थिति
रिपोर्ट में केवल दिल्ली ही नहीं, बल्कि भारत के अन्य बड़े शहरों की रैंकिंग भी बताई गई है। इस सूची में मुंबई 11वें स्थान पर है, जबकि बेंगलुरु को 15वां स्थान मिला है। इससे साफ होता है कि भारत के कई बड़े शहर अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए अच्छे विकल्प बनकर उभर रहे हैं।
रैंकिंग तय करने के लिए किन बातों को देखा गया
इस रैंकिंग को छह प्रमुख श्रेणियों के आधार पर तैयार किया गया है। इनमें पढ़ाई और रहने का खर्च, रोजगार के अवसर, विश्वविद्यालयों की गुणवत्ता, शहर का आकर्षण, छात्रों की राय और विविधता शामिल हैं। इन सभी श्रेणियों को समान महत्व दिया गया और इन्हीं के आधार पर 150 शहरों का मूल्यांकन किया गया।
खर्च के मामले में भारत की मजबूत स्थिति
रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि खर्च की किफायत के मामले में भारत को एक बड़ी प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त हासिल है। अंतरराष्ट्रीय छात्रों और उनके माता-पिता के लिए कम खर्च आज भी सबसे अहम कारणों में से एक है। इस मामले में भारतीय शहर दुनिया के लगभग हर बड़े शिक्षा केंद्र से बेहतर साबित हुए हैं।
विदेशों की तुलना में भारत सस्ती
रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटेन, अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के बड़े शहरों की तुलना में भारत में पढ़ाई की फीस काफी कम है। इतना ही नहीं, यहां रहने का खर्च भी कम पड़ता है। इससे छात्रों को कम बजट में अच्छी शिक्षा हासिल करने का मौका मिलता है।
कम खर्च में बेहतर भविष्य की संभावना
रिपोर्ट कहती है कि भारत में पढ़ाई करने से छात्रों को गुणवत्ता से समझौता नहीं करना पड़ता। कम खर्च की वजह से लंबे समय के शिक्षा ऋण पर निर्भरता भी घटती है। इसके अलावा, भारत में नौकरी मिलने की बेहतर संभावनाएं होने के कारण पढ़ाई पर किया गया खर्च आगे चलकर अच्छी तरह वसूल हो जाता है। यही कारण है कि भारत, खासकर दिल्ली, अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए एक आकर्षक शिक्षा केंद्र बनता जा रहा है।
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