मुंबई में 92, दिल्ली में 57...चौंका देगा नोएडा का आंकड़ा

वैसे तो देश दुनिया में बहुत सारे अरबपति और करोड़पति रहते हैं लेकिन अगर बात करें भारत की तो भारत में 350 अरबपति रहते हैं. भारत में सबसे ज्यादा अरबपति मुंबई में रहते हैं यही वजह है कि इसे अरबपतियों की राजधानी कहा जाता है. आइये आपको बताते हैं कि किस शहर में कितने अरबपति रहते हैं?

Authored by: रिचा त्रिपाठीUpdated Jan 12 2026, 10:33 IST
​न्यूयॉर्क है दुनिया का शीर्ष शहर Image Credit : Canva01 / 07

​न्यूयॉर्क है दुनिया का शीर्ष शहर

सबसे पहले बात करें दुनिया के सबसे अमीर शहर की तो अमेरिकी शहर न्यूयॉर्क इसमें पहले स्थान पर है। यहां लगभग 119 अरबपति रहते हैं और यह शहर वैश्विक पूंजी, निवेश और व्यापार का प्रमुख केंद्र माना जाता है। न्यूयॉर्क की यह स्थिति लगातार बरकरार है क्योंकि यहां पर कई बड़े वित्तीय संस्थान, निवेश कंपनियां और ग्लोबल व्यापारिक हेडक्वार्टर मौजूद हैं।

​लंदन दूसरे नंबर पर​Image Credit : Canva02 / 07

​लंदन दूसरे नंबर पर​

दुनिया में दूसरे स्थान पर ब्रिटेन की राजधानी लंदन है, जहां करीब 97 अरबपति रहते हैं। लंदन का मजबूत बैंकिंग और वित्तीय सेक्टर, रियल इस्टेट और ग्लोबल बिजनेस नेटवर्क इसे अरबपतियों के लिए आकर्षक बनाता है। यूरोप का यह प्रमुख आर्थिक शहर भी निवेश और व्यापार के लिहाज़ से टॉप पर है।

​मुंबई तीसरे स्थान पर, और भारत का जलवा​Image Credit : Canva03 / 07

​मुंबई तीसरे स्थान पर, और भारत का जलवा​

सबसे रोचक बात यह है कि मुंबई दुनिया के शीर्ष अरबपति शहरों में तीसरे स्थान पर है और यह पहला भारतीय शहर है जो इस सूची में इतना ऊंचा है। यहां 92 अरबपति रहते हैं और मुंबई ने चीन जैसे बड़े आर्थिक शहरों को भी पीछे छोड़ दिया है। उदाहरण के तौर पर बीजिंग में 91, शंघाई में 87 और शेंझेन में 84 अरबपति हैं, लेकिन मुंबई उनसे ऊपर बनी हुई है।

​भारत में भी कई बड़े शहर शामिल​Image Credit : Canva04 / 07

​भारत में भी कई बड़े शहर शामिल​

मुंबई के अलावा दिल्ली भी दुनिया के अरबपति शहरों की सूची में शामिल है। दिल्ली में लगभग 57 अरबपति रहते हैं, जो इसे सैन फ्रांसिस्को, पेरिस, सिंगापुर, लॉस एंजेलिस जैसे वैश्विक शहरों से भी आगे रखता है। इस बात से साफ़ होता है कि भारत के बड़े शहर आज सिर्फ व्यवसाय या आबादी के मामले में नहीं, बल्कि धन के मामले में भी वैश्विक मानचित्र पर अपनी पहचान बना रहे हैं।

​अरबपतियों की संख्या भारत में कैसे बढ़ी?​Image Credit : Canva05 / 07

​अरबपतियों की संख्या भारत में कैसे बढ़ी?​

भारत में अरबपतियों की संख्या पिछले कुछ सालों में तेज़ी से बढ़ी है। डेटा के मुताबिक, भारत में कुल अरबपतियों की तादाद पहले कुछ सौ तक थी, लेकिन अब यह संख्या 200 से ज़्यादा हो चुकी है। इस लिस्ट में मुकेश अंबानी, गौतम अडानी, सावित्री जिंदल, शिव नादर और दिलीप संघवी जैसे नाम शामिल हैं, जो देश की सबसे अमीर सूची में शीर्ष पर रहते हैं।

​वैश्विक रैंकिंग में भारत की स्थिति​Image Credit : Canva06 / 07

​वैश्विक रैंकिंग में भारत की स्थिति​

जहां मुंबई और दिल्ली जैसे शहर इस सूची में शामिल हैं, वहीं वैश्विक स्तर पर अरबपतियों के आधार पर शहरों की रैंकिंग में भी भारत की हिस्सेदारी बढ़ती दिख रही है। इससे यह भी पता चलता है कि भारत में उद्योग, तकनीक, रियल इस्टेट और सेवा क्षेत्रों में कितनी तेजी से धन और संपत्ति बढ़ रही है, जो बड़ी संख्या में अरबपतियों को अपने शहरों में आकर्षित कर रही है।

​क्यों महत्वपूर्ण है यह आंकड़ा​Image Credit : Canva07 / 07

​क्यों महत्वपूर्ण है यह आंकड़ा​

दुनिया में अरबपतियों की संख्या और उनका शहर से जुड़ना केवल एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह आर्थिक ताकत, रोजगार क्षमता, निवेश माहौल और वैश्विक स्तर पर व्यापार की स्थिति का संकेत देता है। जब किसी शहर में अरबपतियों की संख्या बढ़ती है, तो वह शहर न केवल आर्थिक रूप से मजबूत होता है, बल्कि वहां के लोग भी बेहतर अवसर और जीवन स्तर का अनुभव करते हैं। भारत के शहरों का इस सूची में प्रवेश आर्थिक प्रगति का एक स्पष्ट संकेत है और यह दिखाता है कि देश के आर्थिक केंद्र विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं।

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