14
January
2026
30,एकादशी
कृष्ण पक्ष, 2082 विक्रम सम्वत,
बुधवार, माघ,
नई दिल्ली,India
सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
सूर्योदय
07:15:13
सूर्यास्त
17:45:10
चन्द्र राशि
वृश्चिक
चन्द्रोदय
28:25:00
चन्द्रास्त
13:48:00
ऋतु
शिशिर
हिन्दू मास एवं वर्ष
शक सम्वत
1947 विश्वावसु
विक्रम सम्वत
2082
काली सम्वत
5126
प्रविष्टे / गत्ते
30
मास पूर्णिमांत
माघ
मास अमांत
पौष
दिन काल
10:29:57
अशुभ समय (अशुभ मुहूर्त)
दुष्टमुहूर्त
12:09:12 से 12:51:12 तक
कुलिक
12:09:12 से 12:51:12 तक
कंटक
16:21:11 से 17:03:11 तक
राहु काल12:30:12 से 13:48:57 तक
कालवेला / अर्द्धयाम
07:57:13 से 08:39:13 तक
यमघण्ट
09:21:13 से 10:03:13 तक
यमगण्ड
08:33:58 से 09:52:43 तक
गुलिक काल
11:11:27 से 12:30:12 तक
शुभ समय (शुभ मुहूर्त)
अभिजीत
कोई नहीं
दिशा शूल
दिशा शूल
उत्तर
चन्द्रबल और ताराबल
ताराबल
अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद, रेवती
चन्द्रबल
वृषभ, मिथुन, कन्या, वृश्चिक, मकर, कुम्भ

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आज का पंचांग 08-01-2026: तिथि, नक्षत्र, योग और मुहूर्त की सम्पूर्ण जानकारी

शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त 2025

वाहन खरीद मुहूर्त 2025

गृह प्रवेश मुहूर्त 2025

नामकरण मुहूर्त 2025

मुंडन मुहूर्त 2025

अन्नप्राशन मुहूर्त 2025
FAQs
पंचांग क्या होता है?
पंचांग कैसे ढूंढें?
पंचांग में दिखने वाले “पाँच मुख्य अंग” कौन-कौन से हैं और उनका क्या महत्व है?
मेरे शहर/पता के अनुसार “आज का पंचांग” क्या बदल सकता है?
रोजाना पंचांग देखने से क्या लाभ मिलता है?
“शुभ मुहूर्त” व “अशुभ काल” का क्या अर्थ है?
पंचांग में “तिथि” का क्या मायना है और यह कैसे पहचानी जाती है?
दूसरे शब्दों में कहा जाए तो पंचांग एक वैदिक समय निर्धारण उपकरण है — एक प्रकार की वैदिक घड़ी — जो केवल उस विशेष भौगोलिक स्थान के लिए मान्य होती है, जिसके अनुरूप वह तैयार किया गया हो। यही कारण है कि विश्व के प्रत्येक नगर के लिए अलग-अलग पंचांग बनाए जाते हैं।
पंचांग के पांच प्रमुख अंग होते हैं:
- तिथि
- नक्षत्र
- योग
- करण
- वार (सप्ताह का दिन)
- राहु काल
- शुभ मुहूर्त
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