ED के सामने पेश होंगे एनसीपी प्रमुख शरद पवार,मनी लॉन्ड्रिंग केस में चल रही जांच

मुंबई समाचार
Updated Sep 27, 2019 | 00:45 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

Sharad Pawar: शरद पवार ने कहा है कि उनके खिलाफ चल रही जांच के लिए वह शुक्रवार को मुंबई के बैलाड एस्टेट स्थित प्रवर्तन निदेशालय के कार्यालय में पेश होंगे।

Sharad Pawar
शरद पवार एनसीपी के अध्यक्ष हैं (फाइल फोटो) 

मुख्य बातें

  • 27 सितंबर को को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के समक्ष पेश होंगे शरद पवार
  • शरद पवार ने समर्थकों से सहयोग की अपील की है
  • शरद पवार, अजित पवार समेत अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चल रही हैं जांच

मुंबई: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP)  के मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री शरद पवार ने कहा है कि वह शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के समक्ष पेश होंगे। उन्होंने कहा है कि वह मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनके खिलाफ चल रही जांच के लिए खुद एजेंसी के सामने हाजिर होंगे जिसमें उनका नाम शामिल हैं। 

मुंबई पुलिस के जन सूचना अधिकारी (PRO) ने कहा है कि शरद पवार की पेश के मददेनजर मुंबई के बैलाड एस्टेट स्थित प्रवर्तन निदेशालय के कार्यालय के पास धारा 144 लगाई गई है।  बता दें कि पेशी को लेकर शरद पवार ने अपने समर्थकों से अपील की है कि वह प्रवर्तन निदेशालय के दफ्तर के बाहर न जुटें।

 

इससे पहले एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा कि जैसा कि कल मैंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा था कि मैं कल, शुक्रवार 27 सितंबर, शुक्रवार को 14.00 बजे, मुंबई के बलार्ड एस्टेट स्थित ईडी कार्यालय जाऊंगा।

 

 

शरद पवार ने कहा, 'मैं अपने सभी एनसीपी कैडर और समर्थकों से ईडी कार्यालय परिसर के पास इकट्ठा न होने की अपील करता हूं। संविधान और संस्थाओं के सम्मान के लिए हमारी परंपरा को बनाए रखते हुए, मैं पुलिस और सरकार से आपके सहयोग का अनुरोध करता हूं।'

 

 

एनसीपी नेता ने इसके साथ ही अपने समर्थकों से अपील करते हुए कहा, 'कृपया ध्यान रखें और सुनिश्चित करें कि लोगों को असुविधा न हो।' इससे पहले मंगलवार को एनसीपी समर्थकों ने ईडी कार्यलय के बाहर जमकर प्रदर्शन किया था।

 

 

इससे पहले बुधवार को शरद पवार ने कहा था कि उन पर केस दर्ज कर लिया गया लेकिन अगर उन्हें जेल भी जाना पड़ा तो उन्हें कोई दिक्कत नहीं है। पवार ने कहा, 'मुझे खुशी होगी क्योंकि मुझे कभी जेल जाने का अनुभव नहीं हैं। अगर किसी ने मुझे जेल भेजने की रणनीति बनाई है, तो मैं इसका स्वागत करता हूं।'

गौरतलब है कि ईडी ने महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक घोटाला मामले में शरद पवार, उनके भतीजे और पूर्व उप मुख्यमंत्री अजीत पवार समेत अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये घोटाला करीब 25 हजार करोड़ रूपए का है। पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर में कहा गया है कि 1 जनवरी 2007 से 31 मार्च 2017 के बीच महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक में घोटाला हुआ है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस एफआईआर में सहकारी बैंक के 70 पूर्व पदाधिकारियों के नाम शामिल हैं।वहीं,मामले में जांच को लेकर एनसीपी का कहना है कि महाराष्ट्र में आगामी विधानसभा के मद्देनजर केंद्र सरकार जानबूझकर राजनीतिक द्वेष के तहत पवार एंव उनके परिवार को निशाना बना रही है। एनसीपी का कहना है कि केंद्र की मोदी सरकार जांच एजेंसियों को दुरप्रयोग कर रही है और विपक्षी दलों के नेताओं को जानबूझकर परेशान कर रही है।

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