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HPV से हर महिला नहीं होती बीमार, स्ट्रेस-इम्यूनिटी और सर्वाइकल हेल्थ का क्या है कनेक्शन, डॉक्टर से समझें

Link Between Stress Immunity And Cervical Health: जब महिलाओं में सर्वाइकल स्वास्थ्य (Cervical Health) की बात आती है, तो हम अक्सर कुछ मेडिकल टेस्ट तक ही रुक जाते हैं। लेकिन क्या कहानी सिर्फ इतनी ही है? हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। भारत में सर्वाइकल स्वास्थ्य को काफी नजरअंदाज किया जाता है। आपको जानकर हैरानी हो सकती है कि तनाव, शरीर की ताकत और महिलाओं की सेहत को आपस में जुड़े हो सकते हैं। इसलिए इसे भूलकर भी अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए। आज जानिए सर्वाइकल स्वास्थ्य, इम्यूनिटी और तनाव का क्या कनेक्शन है..

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स्ट्रेस-इम्यूनिटी और सर्वाइकल कैसे जुड़े हैं (PC- AI)
  • Authored by: Vineet
  • Updated Jan 19, 2026, 06:21 PM IST

Link Between Stress Immunity And Cervical Health: अक्सर महिलाओं की सेहत पर बातचीत तब शुरू होती है, जब किसी महिला में इसकी चपेट में आने की कोई रिपोर्ट सामने आ जाती है। खासकर सर्वाइकल स्वास्थ्य की बात हो, तो ज्यादातर बातचीत एचपीवी वैक्सीन (HPV Vaccine) और पैप स्मीयर जांच (Pap Smear Test) तक ही सीमित रह जाती है। यह सही है कि ये जांचें जरूरी हैं, इसमें कोई दो राय नहीं, लेकिन सवाल यह है कि क्या सिर्फ यही काफी है?

आपको जानकर हैरानी हो सकती है कि एचपीवी संक्रमण इतना आम है कि लगभग हर 10 में से 8 महिलाएं जीवन में कभी न कभी इससे प्रभावित होती हैं, तो फिर हर महिला को सर्वाइकल कैंसर (Cervical Cancer) क्यों नहीं होता? हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो इसके पीछे की वजह शरीर की वो अंदरूनी ताकत है, जो बिना शोर किए हमें बचाती है, यानी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी)।

सीके बिरला अस्पताल, दिल्ली की डॉ. तृप्ति राहेजा (निदेशक – प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग), कहती हैं कि सर्वाइकल हेल्थ को सिर्फ एक अंग से जोड़कर नहीं देखा जा सकता है। यह महिला की मानसिक स्थिति, जीवनशैली और शरीर की अंदरूनी ताकत से गहराई से जुड़ी होती है।

महिलाओं में एचपीवी की प्रमुख वजह क्या है

महिलाओं में एचपीवी की प्रमुख वजह क्या है (PC - AI)

महिलाओं में एचपीवी संक्रमण कितना आम है?

चिकित्सकीय आंकड़ों के अनुसार, एचपीवी संक्रमण बेहद सामान्य है। डॉ. तृप्ति राहेजा बताती हैं कि करीब 80 प्रतिशत महिलाएं जीवन में कभी न कभी इस वायरस के संपर्क में आती हैं। लेकिन राहत की बात यह है कि लगभग 90 प्रतिशत मामलों में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता एक से दो साल के भीतर इस वायरस को खुद ही खत्म कर देती है। अक्सर महिला को पता भी नहीं चलता कि शरीर ने भीतर ही भीतर एक बड़ी लड़ाई जीत ली है।

मजबूत इम्यूनिटी सर्वाइकल से कैसे बचाती है?

शरीर का रोग प्रतिरोधक तंत्र यानी इम्यून सिस्टम शरीर की प्राकृतिक सुरक्षा दीवार होता है। यह वायरस को पहचानता है, उनसे लड़ता है और खराब हो चुकी कोशिकाओं की मरम्मत करता है। डॉ. राहेजा के अनुसार, जब यह तंत्र मजबूत होता है, तो एचपीवी जैसे वायरस लंबे समय तक सर्वाइकल (Cervix) में टिक नहीं पाते। लेकिन जैसे ही यह ताकत कमजोर पड़ती है, वायरस कोशिकाओं में बदलाव करने लगता है, जो आगे चलकर खतरे की वजह बन सकते हैं।

इम्यूनिटी मजबूत होनी क्यों जरूरी है

इम्यूनिटी मजबूत होनी क्यों जरूरी है (PC_ AI)

तनाव कैसे कमजोर करता है इम्यून सिस्टम

आपको जानकर हैरानी हो सकती है कि तनाव सिर्फ हमारे दिमाग तक सीमित नहीं रहता है। लंबे समय तक तनाव में रहने से शरीर में कॉर्टिसोल हार्मोन (Cortisol Hormone) बढ़ता रहता है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को दबा देता है। डॉ. तृप्ति राहेजा बताती हैं कि लगातार तनाव में रहने वाली महिलाओं में -

  • संक्रमण से लड़ने वाली कोशिकाएं सुस्त हो जाती हैं
  • सर्वाइकल ऊतकों (Cervical Tissues) की भरपाई धीमी पड़ जाती है
  • वायरस को खत्म करने की ताकत कम हो जाती है
  • यही वजह है कि कुछ मामलों में एचपीवी लंबे समय तक बना रहता है।

खराब जीवनशैली से सर्वाइकल रिस्क क्यों बढ़ रहा है?

इसकी बड़ी वजह यह है कि आज की महिलाएं कई जिम्मेदारियों के बीच खुद को भूल जाती हैं। नींद पूरी न होना, समय पर खाना न खाना और लगातार मानसिक दबाव, ये सब धीरे-धीरे शरीर की ताकत को कमजोर कर देते हैं।

डॉ. राहेजा मानती हैं कि जब शरीर को आराम नहीं मिलता, तो वह खुद को ठीक करने की क्षमता भी खोने लगता है, और इसका असर सर्वाइकल सेहत पर साफ दिखने लगता है।

सर्वाइकल का इलाज क्यों हो जाता है मुश्किल

सर्वाइकल का इलाज क्यों हो जाता है मुश्किल (PC- AI)

मानसिक तनाव से सर्वाइकल देर में ठीक क्यों होता है?

2026 तक मौजूद शोध बताते हैं कि मानसिक तनाव से हार्मोन संतुलन बिगड़ता है। इसका असर योनि और सर्वाइकल के प्राकृतिक वातावरण पर पड़ता है। अच्छे बैक्टीरिया (Healthy Bacteria) का संतुलन बिगड़ने से संक्रमण को बार-बार लौटने का मौका मिल जाता है। इसी वजह से कई महिलाओं में इलाज के बाद भी पूरी तरह सुधार नहीं हो पाता।

सर्वाइकल से बचाव के लिए स्ट्रेस मैनेज करना क्यों जरूरी है?

डॉ. तृप्ति राहेजा के अनुसार, तनाव कंट्रोल करना कोई अतिरिक्त सलाह नहीं, बल्कि इलाज का हिस्सा है। पूरी और अच्छी नींद, संतुलित भोजन और मानसिक शांति. ये सब शरीर को दोबारा मजबूत बनाने में मदद करते हैं।

जरूरत पड़ने पर परामर्शदाता (Counsellor) से बात करना कमजोरी नहीं, बल्कि खुद की सेहत को प्राथमिकता देना है। सर्वाइकल स्वास्थ्य सिर्फ जांच और दवाइयों से नहीं, बल्कि इस बात से भी जुड़ा है कि महिला खुद के साथ कितना अच्छा व्यवहार करती है।

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