Naan ka Itihas: भारतीय खाने के स्वाद ने आज वाकई सात समुद्र पार भी अपनी खास जगह बना ली है। दुनिया भर के कोने कोने से लोग आकर ट्रेडिशनल इंडियन डिशेज ट्राई करना पसंद करते हैं। वैश्विक स्तर पर कई भारतीय डिशेज ने अपनी अनोखी पहचान बनाई है। इसी लिस्ट में सबसे आगे भारतीय 'नान' का नाम आता है। एक साधारण सी दिखने वाली भारतीय रोटी ने वैश्विक स्तर पर अपनी एक अमिट पहचान बनाई है। यूं तो 'नान' का इतिहास सदियों पुराना है, लेकिन ऑनलाइन फूड गाइड टेस्ट एटलस ने हाल ही में नान को दुनिया की सबसे अच्छी रोटी/ब्रेड की लिस्ट में पहला नंबर दिया है। यानी ये इटली की पीटा ब्रेड से भी आगे है।
तंदूर की आग में सिकी.. मुलायम, मक्खन की महक से भरी 'नान' रोटी का स्वाद बेशक ही कभी भुलाए नहीं भुलाया जा सकता है। वो कहते हैं ना, बयां तो हजारों हैं दुनिया में रोटी के फसाने, मगर तंदूर की आग में सिका 'नान' ढूंढ ही लेता है दिल जीतने के बहाने.. ऐसे में अगर आप भी नान खाने के शौकीन है, तो आपके लिए जानना बहुत ही दिलचस्प हो सकता है कि आखिर नान बनाने की शुरुआत कहां से हुई थी। नान शब्द का अर्थ क्या होता है वहीं इससे जुड़ी बहुत सारी खास बातें, जो आपको शायद ही पता होंगी।
नान के इतिहास पर नजर डालें तो इसकी जड़ें मध्य एशिया, विशेष रूप से फारस (अब ईरान) से जुड़ती हैं। माना जाता है कि इसका भारत में प्रवेश मुगल काल के दौरान हुआ था। 16वीं शताब्दी में मुगल शासकों के साथ यह व्यंजन भारतीय रियासतों में पहुंचा और यहीं की रसोई में घुल-मिल कर एक नए रूप में ढल गया। ऐतिहासिक रूप से, इसे मिट्टी की भट्टी या तंदूर में पकाया जाता था। मुगलों ने भारत में तंदूर में नान बनाने की कला को लोकप्रिय बनाया। इस प्रकार नान का जन्म मध्य पूर्व में हुआ, फारस में विकसित हुआ और भारत में इसने एक नया और प्रसिद्ध घर पाया।
'नान' शब्द भी फारसी भाषा के शब्द 'नान' से ही लिया गया है, जिसका अर्थ है 'रोटी' या 'ब्रेड'। नान की खास बनावट और परफेक्ट स्वाद के पीछे तंदूर का हाथ है। मुगल दरबार के बावर्चियों ने ही इसे भारतीय तंदूर में पकाना शुरू किया था। इससे एक अनोखा धुएंदार स्वाद (स्मोकी फ्लेवर) और बाहर से खस्ता क्रिस्पी तो अंदर से मुलायम नान तैयार होता है। नान को मैदे, दही, खमीर और दूध के मिश्रण से तैयार किया जाता है और तंदूर की दीवारों पर चिपकाकर पकाया जाता है।
नान सबसे पहले प्राचीन मेसोपोटामिया (आधुनिक इराक क्षेत्र) में बना था, जहां सबसे पुराने दर्ज तंदूर मिले हैं। वहीं नान का पहला लिखित रिकॉर्ड 1300 ईस्वी में इंडो-फारसी कवि अमीर खुसरो के नोट्स में मिलता है। उन्होंने दो प्रकार के नान का वर्णन किया: नान-ए-तुनुक (हल्की रोटी) और नान-ए-तनुरी (तंदूर ओवन में पकी हुई रोटी)।
नान की दुनिया भर में लोकप्रियता देखने लायक है। बेशक ही इसे सभी पसंद करते हैं क्योंकि इसका स्वाद और बनावट अद्वितीय है। तंदूर में पकने के कारण इसकी बाहरी सतह थोड़ी कुरकुरी और सुनहरी होती है, जबकि अंदर से यह बेहद नरम, फूला हुआ और थोड़ा चबाने वाला होता है। इस पर लगा हुआ मक्खन स्वाद और सुगंध को चार गुना बढ़ा देता है। वहीं अगर लहसुन, तिल या मसाले डालकर नान बनाया जाए, तो स्वाद में ये सोने पर सुहागा सा लगता है। नान की सबसे बड़ी खासियत यही है कि, ये काफी स्पंजी होता है। जिस कारण इसे दाल, सब्जी या किसी भी ग्रेवी वाली डिश के साथ आसानी से लगाकर खाया जा सकता है।
भारतीय थाली बिना रोटी के अधूरी ही होती है। सब्जी या दाल के साथ जब तक रोटी या नान आदि लगाकर न खाई जाए, तब तक पेट खाली ही लगता है। अब वैसे तो नान भी एक तरह की रोटी ही है, लेकिन सही मायनों में नान और रोटी में बहुत अंतर होता है। यहां देखें दोनों में मुख्य अंतर क्या है -
रोटी कैसे बनती है - रोटी आमतौर पर साबुत अनाज या गेहूं के आटे से बनती है। जिसमें कोई खमीर नहीं डलता है, बस आटा, पानी और नमक मिलाया जाता है। रोटियां पतली होती है, जिन्हें आमतौर पर तवे या फिर चूल्हे पर ही बनाया जाता है।
नान कैसे बनती है - नान के डो यानी आटे में खमीर या बेकिंग पाउडर/सोडा डाला जाता है। नान रोटी मैदे से बनाई जाती है, वहीं इसका आटा बनाते वक्त उसमें दही या फिर अंडा मिलाया जाता है। नान मोटी और नरम होती है, जिसे तंदूर में बनाया जाता है। हालांकि अब नान को तवे पर बनाना भी कॉमन हो गया है।
नान कितने प्रकार के होते हैं
वैसे तो नान के कई प्रकार होते हैं, आप अपनी पसंद के हिसाब से किसी भी स्टफिंग के साथ स्वादिष्ट नान बनाकर तैयार कर सकते हैं। लेकिन ये कुछ मुख्य प्रकार के नान हैं -
सादा नान
यह नान का मूल और सबसे साधारण रूप है, जो केवल मैदा, नमक और दही को मिलाकर बनाया जाता है। तंदूर में पकने के बाद इसे हल्के मक्खन के साथ चुपड़कर परोसा जाता है, जो इसके सॉफ्ट और फूले हुए स्वाद को बढ़ाता है।
गार्लिक नान
गार्लिक नान सबसे ज्यादा चाव से खाया जाने वाला नान है। इसमें सादे नान की सतह पर ताज़ा कटा हुआ लहसुन या लहसुन पेस्ट बुरककर पकाया जाता है। पकने के बाद लगाया गया मक्खन लहसुन की तीखी सुगंध के साथ मिलकर एक जबरदस्त स्वाद आता है।
पनीर नान
यह एक खास स्टफिंग वाला नान है, जिसके अंदर मसालेदार पनीर (छेना) का मिश्रण भरा जाता है। तंदूर की गर्मी में पनीर पिघलकर नान को अंदर से नरम और स्वाद से भरपूर बना देता है, जो इसे खाने वाले की पहली पसंद बना देता है।
पेशावरी नान
यह एक मीठा नान है जो मेवों से बने पेस्ट से भरा होता है। इसे आमतौर पर मुगलई व्यंजनों के साथ परोसा जाता है और इसका हल्का मीठा स्वाद मसालेदार करी के साथ बेहतरीन लगता है।
बटर नान
बटर या मक्खन वाला नान भी बहुत ही लोकप्रिय और आम प्रकार का नान है जिसे तंदूर से निकालने के बाद पर्याप्त मात्रा में घी या मक्खन लगाया जाता है। यह मक्खन नान के स्वाद को चार गुना बड़ा देता है।
कंधारी नान
कंधारी नान एक बहुत ही अनोखे तरीके का नान है। जिसे अनार के बीजों और खसखस से सजाया जाता है। अनार के दाने कुरकुरेपन और हल्के मीठे-खट्टे स्वाद का अनोखा फ्यूजन क्रिएट करते हैं। ये नान दिखने तो स्वाद दोनों में ही लाजवाब होता है।
नान को आप कई अलग-अलग चीजों के साथ मजे से खा सकते हैं। इसकी नरम और फूली हुई बनावट इसे करी और दालों के साथ खाने पर बहुत अच्छा बनाती है। आप इसे बटर चिकन, पनीर तिक्का मसाला या कोरमा जैसी स्वादिष्ट करी के साथ भी खा सकते हैं। मुलायम नान और गाढ़ी दाल मक्खनी का कॉम्बिनेशन तो दुनिया भर में मशहूर है, और चाव से खाया जाता है।
अगर आप कोई सूखी सब्ज़ी खा रहे हैं, जैसे कोफ्ता या पनीर मसाला, तो उसके साथ भी नान बढ़िया लगती है। सादे दही या रायते के साथ भी नान खाया जाता है। लहसुन वाली नान या मक्खन नान तो बिना किसी सब्जी, दाल के चाय या लस्सी के साथ अच्छी लगती है। इस तरह, नान हर तरह के खाने के साथ आसानी से मेल खा लेती है और उसका स्वाद दोगुना कर देती है।
वैसे तो आपको देश-विदेश के कोने कोने में बहुत ही अलग अलग तरीके से नान खाने को मिल जाएंगे। लेकिन भारत में दिल्ली तो अमृतसर में बनने वाले नान के स्वाद को मैच करना बहुत ही मुश्किल है।
कई फाइव स्टार होटल में भी टेस्टी नान खाने को मिल जाएंगे।
घर पर आप बहुत ही स्वादिष्ट नान बनाकर एन्जॉय कर सकते हैं। तवे पर आप इस रेसिपी को फॉलों कर बढ़िया, मुलायम, मक्खन से भरा नान बना सकते हैं।
सामग्री:
2 कप मैदा
छोटा चम्मच चीनी
1 छोटा चम्मच खमीर
1/4 कप दही
1 छोटा चम्मच नमक
दूध/पानी (गूंथने के लिए)
1 बड़ा चम्मच तेल और घी/मक्खन (लगाने के लिए)
नान बनाने की रेसिपी
स्वादिष्ट नान घर पर बनाने के लिए आपको सबसे पहले एक कटोरी में गुनगुने दूध या पानी और चीनी के साथ खमीर मिलाकर 10 मिनट के लिए रख दें, ताकि वो फूल जाए। फिर आपको एक बड़े कटोरे में मैदा और नमक मिलाकर उसमें खमीर वाला मिश्रण, दही और तेल डालकर नरम सा आटा गूंथ लेना है। फिर उस आटे को करीब करीब 2 घंटे के लिए किसी गर्म जगह पर रख दें, जब तो फूल न जाए। अब आटे को हल्के हाथ से दबाएं और गोल लोई बनाकर बेलन या हथेली से बेल लें।
फिर नान को पकाने के लिए आपको एक कड़ाही या तवा को गरम करना है। नान के एक तरफ पानी लगाकर गर्म कड़ाही के अंदर की साइड में चिपका दें। कड़ाही को ढककर मध्यम आंच पर 2-3 मिनट तक पकने दें, जब तक नान फूल न जाए और नीचे की सतह सुनहरी न हो जाए।
आप नान को ओवन में भी बना सकते हैं। इसके लिए ओवन को पहले से 200°C पर प्रीहीट कर लें। बेली हुई नान को प्रीहीटेड ओवन में 5-7 मिनट तक तब तक बेक करें जब तक वह फूल न जाए और ऊपर से सुनहरी न दिखने लगे।
तो ये भी पार्टी-होटलों में सबके टेस्ट बड्स पर राज करने वाली नान की कहानी। इसको आगे शेयर करें और मजे से खाएं व खिलाएं। और हां- वेट लॉस करने वाले लोगों के लिए हेल्दी नान रेसिपी ये रही।
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